{"_id":"69b70313316d1b0c5b0b10d9","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-146845-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण से ही मिलेगा पुष्टाहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण से ही मिलेगा पुष्टाहार
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नाव। बाल विकास विभाग ने गर्भवतियों, धात्री महिलाओं और तीन से छह साल तक के बच्चों को पुष्टाहार वितरण की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब पुष्टाहार के लिए ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना लाभार्थियों को पुष्टाहार नहीं दिया जाएगा।
जिले में 3352 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 25 हजार गर्भवतियों, धात्री महिलाओं और बच्चों को पुष्टाहार दिया जाता है। इसमें बेसन हलवा, दलिया और मूंग दाल शामिल हैं। पहले केंद्र पर किसी के भी जाने पर पुष्टाहार मिल जाता था। सीडीपीओ दिनेश कुमार ने बताया कि शासन ने चेहरा प्रमाणीकरण के निर्देश दिए हैं। यह बदलाव लाभार्थी तक ही पुष्टाहार पहुंचाने के लिए किया गया है। बच्चों के लिए उनके अभिभावकों को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 जून तक शत प्रतिशत फोटो कैप्चरिंग और ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ई-केवाईसी के लिए लाभार्थी को आधार से लिंक मोबाइल नंबर लेकर केंद्र पर जाना होगा। वहां ओटीपी के जरिए आधार सत्यापन किया जाएगा। फिर लाभार्थी का चेहरा स्कैन करते हुए प्रमाणीकरण का कार्य पूरा होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाभार्थी पोषाहार सहित अन्य लाभों के लिए पंजीकृत होंगे।
Trending Videos
जिले में 3352 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 25 हजार गर्भवतियों, धात्री महिलाओं और बच्चों को पुष्टाहार दिया जाता है। इसमें बेसन हलवा, दलिया और मूंग दाल शामिल हैं। पहले केंद्र पर किसी के भी जाने पर पुष्टाहार मिल जाता था। सीडीपीओ दिनेश कुमार ने बताया कि शासन ने चेहरा प्रमाणीकरण के निर्देश दिए हैं। यह बदलाव लाभार्थी तक ही पुष्टाहार पहुंचाने के लिए किया गया है। बच्चों के लिए उनके अभिभावकों को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 जून तक शत प्रतिशत फोटो कैप्चरिंग और ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ई-केवाईसी के लिए लाभार्थी को आधार से लिंक मोबाइल नंबर लेकर केंद्र पर जाना होगा। वहां ओटीपी के जरिए आधार सत्यापन किया जाएगा। फिर लाभार्थी का चेहरा स्कैन करते हुए प्रमाणीकरण का कार्य पूरा होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाभार्थी पोषाहार सहित अन्य लाभों के लिए पंजीकृत होंगे।