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Unnao News: लखनऊ-आगरा और गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज का निर्माण पूरा
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उन्नाव/बेहटा मुजावर। लखनऊ-आगरा और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले इंटरचेंज का काम पूरा हो गया है। यूपीडा ने मार्च 2025 से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर लागू डायवर्जन को पूरी तरह खत्म कर दिया है। हालांकि गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन तक इंटरचेंज लेन को बोल्डर लगाकर बंद रखा गया है ताकि कोई हादसा न हो।
यह इंटरचेंज बांगरमऊ क्षेत्र के शादीपुर और गौरियाकला गांव के बीच बनाया गया है। यहीं पर दोनों एक्सप्रेसवे एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं। इंटरचेंज का काम पूरा होने के बाद अंडरपास के डिवाइडर की पेंटिंग अंतिम चरण में है। लाइट और संकेतक भी लगा दिए गए हैं। आगरा से लखनऊ जाने वाली लेन पर 26 मार्च 2025 को वाहनों का डायवर्जन किया गया था। इसके बाद लखनऊ से आगरा जाने वाले रूट पर आठ जून 2025 को डायवर्जन लागू हुआ था। कोहरे के दौरान हादसों को रोकने के लिए कुछ दिनों के लिए काम रोका गया था। अब काम पूरा होने के बाद लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पूरी तरह खुल गया है। वाहन बिना किसी बाधा के आवागमन कर रहे हैं। इंजीनियर अरविंद कुमार ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जल्द होने की उम्मीद है।
दोनों एक्सप्रेसवे जुड़ने से कई जिलों को होगा लाभ
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे 302 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला एक्सप्रेसवे है। यह 10 जिलों से होकर गुजरता है, जिनमें आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई और लखनऊ शामिल हैं। यह एक्सप्रेसवे आगरा के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से भी जुड़ता है। वहीं, मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बारह जिलों से निकला है। इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। इस इंटरचेंज के जरिए आवागमन आसान होगा।
स्थानीय लोगों को भी होगा फायदा
शादीपुर गांव के पास बने इंटरचेंज से क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। बांगरमऊ के हरदोई उन्नाव मार्ग पर स्थित लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे टोल से चढ़कर गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ और प्रयागराज का रास्ता कम समय में तय कर सकेंगे। इससे यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। लखनऊ से आगरा के बीच प्रतिदिन औसतन पच्चीस हजार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। यह इंटरचेंज जिले के लोगों के लिए भी काफी सुविधाजनक होगा।
जिले की छह तहसीलों से गुजरा है गंगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे की उन्नाव जिले में लंबाई 83 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे जिले की छह तहसीलों के 76 गांवों से होकर निकला है। इंटरचेंज के माध्यम से दोनों एक्सप्रेसवे पर आसानी से आवागमन हो सकेगा। रंग-रोगन जैसे कुछ छुटपुट काम भी अंतिम चरण में हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद यह इंटरचेंज पूरी तरह से चालू हो जाएगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
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यह इंटरचेंज बांगरमऊ क्षेत्र के शादीपुर और गौरियाकला गांव के बीच बनाया गया है। यहीं पर दोनों एक्सप्रेसवे एक-दूसरे को क्रॉस करते हैं। इंटरचेंज का काम पूरा होने के बाद अंडरपास के डिवाइडर की पेंटिंग अंतिम चरण में है। लाइट और संकेतक भी लगा दिए गए हैं। आगरा से लखनऊ जाने वाली लेन पर 26 मार्च 2025 को वाहनों का डायवर्जन किया गया था। इसके बाद लखनऊ से आगरा जाने वाले रूट पर आठ जून 2025 को डायवर्जन लागू हुआ था। कोहरे के दौरान हादसों को रोकने के लिए कुछ दिनों के लिए काम रोका गया था। अब काम पूरा होने के बाद लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पूरी तरह खुल गया है। वाहन बिना किसी बाधा के आवागमन कर रहे हैं। इंजीनियर अरविंद कुमार ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जल्द होने की उम्मीद है।
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दोनों एक्सप्रेसवे जुड़ने से कई जिलों को होगा लाभ
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे 302 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला एक्सप्रेसवे है। यह 10 जिलों से होकर गुजरता है, जिनमें आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई और लखनऊ शामिल हैं। यह एक्सप्रेसवे आगरा के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से भी जुड़ता है। वहीं, मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बारह जिलों से निकला है। इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। इस इंटरचेंज के जरिए आवागमन आसान होगा।
स्थानीय लोगों को भी होगा फायदा
शादीपुर गांव के पास बने इंटरचेंज से क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। बांगरमऊ के हरदोई उन्नाव मार्ग पर स्थित लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे टोल से चढ़कर गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ और प्रयागराज का रास्ता कम समय में तय कर सकेंगे। इससे यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। लखनऊ से आगरा के बीच प्रतिदिन औसतन पच्चीस हजार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। यह इंटरचेंज जिले के लोगों के लिए भी काफी सुविधाजनक होगा।
जिले की छह तहसीलों से गुजरा है गंगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे की उन्नाव जिले में लंबाई 83 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे जिले की छह तहसीलों के 76 गांवों से होकर निकला है। इंटरचेंज के माध्यम से दोनों एक्सप्रेसवे पर आसानी से आवागमन हो सकेगा। रंग-रोगन जैसे कुछ छुटपुट काम भी अंतिम चरण में हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद यह इंटरचेंज पूरी तरह से चालू हो जाएगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा।