{"_id":"69c825f2e3e1c447c40f945e","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-147615-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: गंगा रेलवे पुल पर ट्रैक मरम्मत से पहले डीआरएम ने जांची तैयारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: गंगा रेलवे पुल पर ट्रैक मरम्मत से पहले डीआरएम ने जांची तैयारियां
विज्ञापन
फोटो-28- डीआरएम को ज्ञापन देते दैनिक यात्री संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
विज्ञापन
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ के बीच गंगा नदी रेलवे पुल के डाउन (कानपुर-लखनऊ) ट्रैक की मरम्मत के लिए दो अप्रैल से 42 दिन तक मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। डीआरएम ने इसकी तैयारियों को जायजा लिया। बताया कि ट्रैक की मरम्मत के बाद ट्रेनों को पुल पर 110 तक की रफ्तार से चलाया जा सकेगा।
लखनऊ मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुनील कुमार वर्मा शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे स्पेशल ट्रेन से गंगाघाट रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने रेलवे गंगापुल का निरीक्षण कर मेगा ब्लॉक की तैयारियों और सुरक्षा बिंदुओं की समीक्षा की। रेलवे के तकनीकी अधिकारियों को काम को तेजी और सुरक्षित तरीके से कराने के निर्देश दिए। उन्होंंने स्टेशन गेट के कैंची प्वाइंट, स्टेशन की टिकट खिड़की सहित तीन स्थानों पर लगे इमरजेंसी सायरन की जांच की। करीब एक घंटा रुकने के बाद उन्नाव स्टेशन पहुंचे और सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, डिस्प्ले बोर्ड सहित सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
अमृत भारत स्टेशन के काम में तेजी का निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने अमृत भारत स्टेशन योजना से उन्नाव स्टेशन के कायाकल्प के काम में और तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंंने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि काम की प्रगति की लगातार समीक्षा करते रहें और तेज से पूरा कराएं।
पुल पर टैक मरम्मत में होंगे ये काम
कानपुर और उन्नाव की सीमा पर स्थित इस पुल पर पुराने स्लीपर हटाकर स्टील के एच बीम लगाए जाएंगे। पटरियां और लोहे की चादर भी बदली जाएंगी। लगातार 42 दिन तक प्रतिदिन आठ घंटे काम चलेगा। इंजीनियरिंग विभाग की टीमें आधुनिक मशीनों और उपकरणों की मदद से दिन-रात कार्य करेंगी। अप लाइन पर सीमित रूप से ट्रेनों का संचालन जारी रखा जाएगा।
मेगा ब्लॉक के दौरान 17 ट्रेनें रहेंगी निरस्त, छह आंशिक रूप से रहेंगी प्रभावित
मेगा ब्लॉक के चलते वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ मेमू और कानपुर सेंट्रल-रायबरेली पैसेंजर सहित कुल 17 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। इनमें 11109 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ जं. इंटरसिटी भी शामिल है, जो अब पूरी तरह निरस्त रहेगी। छह ट्रेनें आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगी। इनमें पुणे-लखनऊ एक्सप्रेस और लोकमान्य तिलक टर्मिनल-लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस आदि ट्रेनें कानपुर सेंट्रल तक ही चलेंगी। जबकि बालामऊ -कानपुर सेंट्रल पैसेंजर उन्नाव तक ही चलेगी।
27 ट्रेनें दूसरे रूटों से चलाई जाएंगी
दो अप्रैल से 13 मई तक के लिए 27 ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया है। इनमें नई दिल्ली-लखनऊ जं. शताब्दी एक्सप्रेस और आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं जो वैकल्पिक मार्गों से चलेंगी। बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल और दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल भी परिवर्तित मार्ग से संचालित होंगी। पांच ट्रेनों को पुनर्निर्धारित किया गया है। लोकमान्य तिलक टर्मिनल-सीतापुर एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल से 210 मिनट विलंब से चलेगी। कोटा-पटना एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस सहित चार ट्रेनें कोटा व भटिंडा से देरी से चलेंगी।
फोटो नंबर-28- डीआरएम को ज्ञापन देते दैनिक यात्री संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
दैनिक यात्री संघ ने शुक्लागंज-लखनऊ मेमो ट्रेन चलाने की मांग की
उन्नाव। जिला दैनिक यात्री संघ ने मंडल रेल प्रबंधक को सात सूत्री ज्ञापन दिया। मेगा ब्लॉक के दौरान शुक्लागंज से लखनऊ तक मेमो ट्रेनों के संचालन की मांग की गई है।
संघ के विधिक सलाहकार मुजतबा हैदर रिजवी ने बताया कि दो अप्रैल से 13 मई तक गंगा पुल पर स्लीपर बदलने का काम होगा। इससे लखनऊ जाने वाले दैनिक यात्रियों को परेशानी होगी। इसलिए मेमो ट्रेनों का संचालन शुक्लागंज से लखनऊ तक किया जाए। संघ ने कोरोना काल से बंद वरुणा इंटरसिटी (ट्रेन नंबर 24227/24228) और कानपुर-अयोध्या इंटरसिटी (ट्रेन नंबर 14221/14222) को फिर से चलाने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, प्लेटफॉर्म एक, चार और पांच पर कोच गाइडिंग डिस्प्ले तथा प्लेटफॉर्म दो और तीन पर पूरे शेड लगाने की मांग भी शामिल है। ज्ञापन सौंपने वालों में ज्ञानेंद्र पांडेय, आशीष बाजपेयी और मनोज कुमार तिवारी शामिल रहे।
Trending Videos
लखनऊ मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुनील कुमार वर्मा शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे स्पेशल ट्रेन से गंगाघाट रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने रेलवे गंगापुल का निरीक्षण कर मेगा ब्लॉक की तैयारियों और सुरक्षा बिंदुओं की समीक्षा की। रेलवे के तकनीकी अधिकारियों को काम को तेजी और सुरक्षित तरीके से कराने के निर्देश दिए। उन्होंंने स्टेशन गेट के कैंची प्वाइंट, स्टेशन की टिकट खिड़की सहित तीन स्थानों पर लगे इमरजेंसी सायरन की जांच की। करीब एक घंटा रुकने के बाद उन्नाव स्टेशन पहुंचे और सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, डिस्प्ले बोर्ड सहित सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमृत भारत स्टेशन के काम में तेजी का निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने अमृत भारत स्टेशन योजना से उन्नाव स्टेशन के कायाकल्प के काम में और तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंंने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि काम की प्रगति की लगातार समीक्षा करते रहें और तेज से पूरा कराएं।
पुल पर टैक मरम्मत में होंगे ये काम
कानपुर और उन्नाव की सीमा पर स्थित इस पुल पर पुराने स्लीपर हटाकर स्टील के एच बीम लगाए जाएंगे। पटरियां और लोहे की चादर भी बदली जाएंगी। लगातार 42 दिन तक प्रतिदिन आठ घंटे काम चलेगा। इंजीनियरिंग विभाग की टीमें आधुनिक मशीनों और उपकरणों की मदद से दिन-रात कार्य करेंगी। अप लाइन पर सीमित रूप से ट्रेनों का संचालन जारी रखा जाएगा।
मेगा ब्लॉक के दौरान 17 ट्रेनें रहेंगी निरस्त, छह आंशिक रूप से रहेंगी प्रभावित
मेगा ब्लॉक के चलते वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ मेमू और कानपुर सेंट्रल-रायबरेली पैसेंजर सहित कुल 17 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। इनमें 11109 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ जं. इंटरसिटी भी शामिल है, जो अब पूरी तरह निरस्त रहेगी। छह ट्रेनें आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगी। इनमें पुणे-लखनऊ एक्सप्रेस और लोकमान्य तिलक टर्मिनल-लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस आदि ट्रेनें कानपुर सेंट्रल तक ही चलेंगी। जबकि बालामऊ -कानपुर सेंट्रल पैसेंजर उन्नाव तक ही चलेगी।
27 ट्रेनें दूसरे रूटों से चलाई जाएंगी
दो अप्रैल से 13 मई तक के लिए 27 ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया है। इनमें नई दिल्ली-लखनऊ जं. शताब्दी एक्सप्रेस और आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं जो वैकल्पिक मार्गों से चलेंगी। बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल और दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल भी परिवर्तित मार्ग से संचालित होंगी। पांच ट्रेनों को पुनर्निर्धारित किया गया है। लोकमान्य तिलक टर्मिनल-सीतापुर एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल से 210 मिनट विलंब से चलेगी। कोटा-पटना एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस सहित चार ट्रेनें कोटा व भटिंडा से देरी से चलेंगी।
फोटो नंबर-28- डीआरएम को ज्ञापन देते दैनिक यात्री संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
दैनिक यात्री संघ ने शुक्लागंज-लखनऊ मेमो ट्रेन चलाने की मांग की
उन्नाव। जिला दैनिक यात्री संघ ने मंडल रेल प्रबंधक को सात सूत्री ज्ञापन दिया। मेगा ब्लॉक के दौरान शुक्लागंज से लखनऊ तक मेमो ट्रेनों के संचालन की मांग की गई है।
संघ के विधिक सलाहकार मुजतबा हैदर रिजवी ने बताया कि दो अप्रैल से 13 मई तक गंगा पुल पर स्लीपर बदलने का काम होगा। इससे लखनऊ जाने वाले दैनिक यात्रियों को परेशानी होगी। इसलिए मेमो ट्रेनों का संचालन शुक्लागंज से लखनऊ तक किया जाए। संघ ने कोरोना काल से बंद वरुणा इंटरसिटी (ट्रेन नंबर 24227/24228) और कानपुर-अयोध्या इंटरसिटी (ट्रेन नंबर 14221/14222) को फिर से चलाने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, प्लेटफॉर्म एक, चार और पांच पर कोच गाइडिंग डिस्प्ले तथा प्लेटफॉर्म दो और तीन पर पूरे शेड लगाने की मांग भी शामिल है। ज्ञापन सौंपने वालों में ज्ञानेंद्र पांडेय, आशीष बाजपेयी और मनोज कुमार तिवारी शामिल रहे।

फोटो-28- डीआरएम को ज्ञापन देते दैनिक यात्री संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन