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Unnao News: प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में धांधली के आरोप
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अचलगंज। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के आवंटन में धांधली का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। लोगों ने जांच कर कार्रवाई की मांग की है। योजना के तहत 2025-26 में 163 आवास स्वीकृत हुए थे जिनमें कुछ लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त भी आ चुकी है।
स्थानीय निवासी रामजी, शिशुपाल, अर्चना, कमला, अफसारून, सरोज ने जिलाधिकारी को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनके आवास कच्चे हैं। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय में योजना के लिए प्रार्थनापत्र दिए थे लेकिन संबंधित अधिकारियों ने पात्रों को आवास न देकर पक्के मकान वाले नगर पंचायत के बाहर रहने वाले और पूर्व में आवास पा चुके लोगों को नियम विरुद्ध योजना का लाभ दे दिया है।
हड़हा निवासी वीरेंद्र और उनकी पत्नी सुनीता दिव्यांग हैं और वे झोपड़ी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि आवास के लिए आवेदन किया था लेकिन उनका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ जबकि पक्के मकान वाले लोगों के आवास स्वीकृत हो गए हैं।
रामेश्वर नगर निवासी बचोल ने बताया कि उनके क्षेत्र के सभासद ने आवास आवंटन कराने के लिए रुपये मांगे थे। न देने पर अपात्र घोषित कर दिया गया। इसी मोहल्ले की अर्चना पत्नी राम किशोर ने भी आरोप लगाया कि उनका पूरा घर कच्चा है और सभासद ने आवास पास कराने के नाम पर एक हजार रुपये लिए थे लेकिन आवास स्वीकृत नहीं हुआ।
अधिशाषी अधिकारी शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें अभी कोई शिकायतीपत्र नहीं मिला है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी और किसी अपात्र का आवंटन हुआ होगा तो उसे रद्द कर दिया जाएगा।
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स्थानीय निवासी रामजी, शिशुपाल, अर्चना, कमला, अफसारून, सरोज ने जिलाधिकारी को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनके आवास कच्चे हैं। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय में योजना के लिए प्रार्थनापत्र दिए थे लेकिन संबंधित अधिकारियों ने पात्रों को आवास न देकर पक्के मकान वाले नगर पंचायत के बाहर रहने वाले और पूर्व में आवास पा चुके लोगों को नियम विरुद्ध योजना का लाभ दे दिया है।
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हड़हा निवासी वीरेंद्र और उनकी पत्नी सुनीता दिव्यांग हैं और वे झोपड़ी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि आवास के लिए आवेदन किया था लेकिन उनका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ जबकि पक्के मकान वाले लोगों के आवास स्वीकृत हो गए हैं।
रामेश्वर नगर निवासी बचोल ने बताया कि उनके क्षेत्र के सभासद ने आवास आवंटन कराने के लिए रुपये मांगे थे। न देने पर अपात्र घोषित कर दिया गया। इसी मोहल्ले की अर्चना पत्नी राम किशोर ने भी आरोप लगाया कि उनका पूरा घर कच्चा है और सभासद ने आवास पास कराने के नाम पर एक हजार रुपये लिए थे लेकिन आवास स्वीकृत नहीं हुआ।
अधिशाषी अधिकारी शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें अभी कोई शिकायतीपत्र नहीं मिला है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी और किसी अपात्र का आवंटन हुआ होगा तो उसे रद्द कर दिया जाएगा।
