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Unnao News: बीएलओ ने नहीं दी सही दस्तावेजों की जानकारी, बूथों से लौटाए मतदाता

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:15 AM IST
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फोटो-28- मोहान में मतदाताओं के प्रपत्र जमा करते बीएलओ अमित राठौर। संवाद
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उन्नाव। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर परेशान मतदाताओं की समस्या हल करने के लिए शनिवार को बूथों पर लगाए गए शिविर में बीएलओ की कार्यप्रणाली ने परेशानी और बढ़ा दी। बीएलओ ने कई बूथों पर दस्तावेजों की सही जानकारी न देकर मतदाताओं को लौटा दिया। किसी ने मायके से पिता का वोटर कार्ड लाने को कहा गया तो किसी को निवास प्रमाणपत्र के लिए लौटाया गया। इसको लेकर मतदाता इधर, उधर भटकते रहे और आखिर में मायूस होकर वापस लौट गए।
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केस-1
बीएलओ ने निवास और शादी प्रमाणपत्र नकारा
शहर के डीवीडीटी इंटर कालेज में लगे शिविर में स्वाति शुक्ला नाम शामिल कराने के लिए पहुंची। उन्होंने बीएलओ को तहसील से बना निवास प्रमाणपत्र दिखाया तो लेने से मना कर दिया। कहा कि यह नहीं लगेगा। जब शादी प्रमाणपत्र देने के लिए कहा तो उसे भी मना कर दिया। स्वाति ने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को फोन किया तो उन्होंने बीएलओ से फार्म जमा करने को कहा। इसके बाद भी बीएलओ ने अधिकारी से भी फोन पर बात करके फार्म जमा करने में असमर्थता जता दी। स्वाति मायूस होकर घर लौट गई।
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केस-2
परिवार रजिस्टर की नकल लेकर पहुंचीं तो मतदाता सूची मांगी
बीघापुर। बूथों पर लगे शिविर में परिवार रजिस्टर नकल के साथ 2003 की मतदाता सूची में नाम न दिखा पाने के चलते मतदाताओं की सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व बीएलओ से नोकझोंक भी होती रही। अमरपुर निवासी स्वाति ने बताया कि वह परिवार रजिस्टर की नकल लेकर बीघापुर विकासखंड कार्यालय गई तो वहां पर अधिकारियों ने बताया कि 2003 की मतदाता सूची लाने पर ही नाम दर्ज हो सकेगा। बताया कि पहले किसी तरह से दौड़ भाग करके परिवार रजिस्टर की नकल बनवाई। अब मतदाता सूची मांगी जा रही है।

केस-3
किसी से मांगा गया पिता का वोटर व आधार तो किसी से मतदाता सूची
पुरवा। क्षेत्र के पोलिंग बूथों पर लगे शिविरों में पहुंचे मतदाताओं को अभिलेखों की सही जानकारी नहीं दी गई। मझखोरिया की सोनी ने बताया कि अभिलेखों की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। किसी से मायके से पिता का वोटर व आधारकार्ड लाने को कहा जा रहा है किसी तो 2003 की मतदाता सूची व पैनकार्ड माना जा रहा है। खेरवा की रीता देवी ने बताया कि उससे मायके पक्ष से कागज मांगे गए। मायका बिहार के बेगुसराय का है। अब वहां कोई नहीं रहता है। अब वहां के कागज कहां से लाएं। इसके अलावा क्या कागज लगेंगे, इसकी जानकारी नहीं दी गई।

केस-4
एक सप्ताह तक तहसील और गांवों के बूथों के लगाए चक्कर
हसनगंज। तहसील क्षेत्र के महराजगंज निवासी वंदना ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद वह एक सप्ताह से तहसील और गांव में लगने वाले शिविरों के चक्कर लगा रही हूं। कोई सुनने वाला नहीं है। न तो कोई अभिलेखों से संबंधित सही जानकारी ही उपलब्ध कराई गई। फिर भी मायके पक्ष से पिता का नाम, बूथ संख्या, क्रम संख्या और विधानसभा से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर शनिवार को मोहान कस्बे के बूथ में बीएलओ को दे दिया है। अब क्या होता है यह देखने वाली बात होगी।
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