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Unnao News: बाल मजदूरी के लिए राजस्थान ले जा रहे बिहार के पांच बच्चों को बचाया
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उन्नाव। एंटी ह्यूमन ट्रैकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मदद से पांच बच्चों को जन साधाराण एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पर उतारा। इन्हें बाल मजदूरी के लिए बिहार से राजस्थान ले जाया जा रहा था। बच्चों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।
बाल संरक्षण अधिकारी संजय मिश्रा को एएचटीयू निरीक्षक चंदना सिन्हा से जानकारी मिली। वह चाइल्ड लाइन प्रभारी दिवाकर ओझा के साथ उन्नाव रेलवे स्टेशन पहुंचे। शाम करीब सात बजे नंबर 15269 जनसाधारण एक्सप्रेस आई। उसके जनरल कोच नंबर 12 में पांच नाबालिग बच्चे बैठे मिले। ये बच्चे सीट नंबर 85, 92, 93, 94, 95 पर थे। बच्चों की उम्र 14 से 15 साल के बीच थी। सभी बच्चे बिहार के अलग-अलग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें काम करने के लिए पहली बार ले जाया जा रहा था।
बच्चों के साथ दिलीप कुमार निवासी ग्राम चंद्रपुरा खुर्द, खगड़िया, बिहार भी था। बच्चों और दिलीप को रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। उन्हें आरपीएफ कार्यालय ले जाया गया। बच्चों को काम के एवज में तीन हजार रुपये अग्रिम भुगतान किया गया था। दिलीप ने बच्चों को कहां ले जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं दी।
पूछताछ में दिलीप कुमार ने ठेकेदार रणधीर सिंह का नाम बताया। रणधीर भी खगड़िया, बिहार का निवासी है। रणधीर ने बच्चों को शिवगंज अनाज मंडी, राजस्थान बुलाया था। उसने दिलीप को रास्ते के खर्च के लिए पांच हजार रुपये भी दिए थे। बच्चों के परिजनों से बात करके उन्हें उन्नाव बुलाया गया है। दिलीप पर आरपीएफ द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
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बाल संरक्षण अधिकारी संजय मिश्रा को एएचटीयू निरीक्षक चंदना सिन्हा से जानकारी मिली। वह चाइल्ड लाइन प्रभारी दिवाकर ओझा के साथ उन्नाव रेलवे स्टेशन पहुंचे। शाम करीब सात बजे नंबर 15269 जनसाधारण एक्सप्रेस आई। उसके जनरल कोच नंबर 12 में पांच नाबालिग बच्चे बैठे मिले। ये बच्चे सीट नंबर 85, 92, 93, 94, 95 पर थे। बच्चों की उम्र 14 से 15 साल के बीच थी। सभी बच्चे बिहार के अलग-अलग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें काम करने के लिए पहली बार ले जाया जा रहा था।
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बच्चों के साथ दिलीप कुमार निवासी ग्राम चंद्रपुरा खुर्द, खगड़िया, बिहार भी था। बच्चों और दिलीप को रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। उन्हें आरपीएफ कार्यालय ले जाया गया। बच्चों को काम के एवज में तीन हजार रुपये अग्रिम भुगतान किया गया था। दिलीप ने बच्चों को कहां ले जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं दी।
पूछताछ में दिलीप कुमार ने ठेकेदार रणधीर सिंह का नाम बताया। रणधीर भी खगड़िया, बिहार का निवासी है। रणधीर ने बच्चों को शिवगंज अनाज मंडी, राजस्थान बुलाया था। उसने दिलीप को रास्ते के खर्च के लिए पांच हजार रुपये भी दिए थे। बच्चों के परिजनों से बात करके उन्हें उन्नाव बुलाया गया है। दिलीप पर आरपीएफ द्वारा कार्रवाई की जा रही है।