सफीपुर (उन्नाव)। पुलिस ने नौकरी लगवाने के नाम पर छह लोगों से 35.20 लाख रुपये की ठगी करने वाले प्रो. मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी दो साल से फरार चल रहा था। मंगलवार देर शाम सोहरामऊ थानाक्षेत्र से उसे पकड़ा गया। उसका एक साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
आसीवन थानाक्षेत्र के जारुल्लानगर गांव निवासी मनोज कुमार पुत्र छेदीलाल ने तीन सितंबर 2024 को लखनऊ के एलडीए कॉलोनी निवासी मनोज कुमार पुत्र शिवचरण और कानपुर के गुलाब सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रो. मनोज कुमार खुद को पीजीआई में सहायक निदेशक बताकर नौकरी दिलाने का झांसा देता था। उसने मनोज कुमार से छह लाख रुपये, रूपनारायण से 13 लाख रुपये, करुणाशंकर से 4.50 लाख रुपये, सुनील कुमार से चार लाख रुपये, दिलीप वर्मा से चार लाख रुपये और कमलेश से 3.70 लाख रुपये लिए थे।
नौकरी न लगने पर जब पीड़ितों ने रुपये मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा और गाली-गलौज व धमकी देकर भगा देता था। पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रही थी। मंगलवार देर शाम सोहरामऊ थानाक्षेत्र के एक मेडिकल कॉलेज के पास से पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रोफेसर मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।