{"_id":"6a304d7bca9728c17a071c9b","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1001-152283-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: ऋण माफ कराने का झांसा देकर 3.10 लाख ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: ऋण माफ कराने का झांसा देकर 3.10 लाख ठगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चकलवंशी। बैंक एजेंट बनकर क्रेडिट कार्ड का ऋण माफ कराने के नाम पर युवक और उसके साथी ने 3.10 लाख रुपये की ठगी कर ली। उधर बैंक में ऋण न जमा होने पर सात लाख रुपये का ऋण होने का बैंक से नोटिस आया गया। तहरीर आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
माखी थानाक्षेत्र के दिलवल गांव निवासी रामकैलाश की पत्नी सुनीता रावत ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि 14 जून 2016 को उसने बैंक से करीब पांच लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड पर लोन लिया था। जमा न करने पर वह ब्याज सहित करीब सात लाख रुपये हो गया। बैंक से कई बार जमा करने के लिए नोटिस आया। इसी बीच उसकी मुलाकात अजगैन कोतवाली क्षेत्र के पिपरोसा गांव निवासी ललित तिवारी से हुई। उसने अपने को बैंक का एजेंट बताया और ऋण का आधा रुपया माफ करने का भरोसा दिलाया। पीड़िता के मुताबिक तीन बार में करीब 3.10 लाख रुपये भी ले लिए लेकिन बैंक में रुपये जमा नहीं किए। इससे बैंक से आरसी जारी कर दी गई। बाद में पता चला कि ललित के इस खेल में उसका साथी शिवाधार भी शामिल है।
थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर ललित और उसके साथी शिवाधार पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
माखी थानाक्षेत्र के दिलवल गांव निवासी रामकैलाश की पत्नी सुनीता रावत ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि 14 जून 2016 को उसने बैंक से करीब पांच लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड पर लोन लिया था। जमा न करने पर वह ब्याज सहित करीब सात लाख रुपये हो गया। बैंक से कई बार जमा करने के लिए नोटिस आया। इसी बीच उसकी मुलाकात अजगैन कोतवाली क्षेत्र के पिपरोसा गांव निवासी ललित तिवारी से हुई। उसने अपने को बैंक का एजेंट बताया और ऋण का आधा रुपया माफ करने का भरोसा दिलाया। पीड़िता के मुताबिक तीन बार में करीब 3.10 लाख रुपये भी ले लिए लेकिन बैंक में रुपये जमा नहीं किए। इससे बैंक से आरसी जारी कर दी गई। बाद में पता चला कि ललित के इस खेल में उसका साथी शिवाधार भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर ललित और उसके साथी शिवाधार पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।