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Unnao News: जिले के 57 सहायता प्राप्त स्कूलों की होगी वेतन और एरियर की जांच
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उन्नाव। पुरवा के एमआरआरएस इंटर कॉलेज में 2.49 करोड़ रुपये का गबन सामने आने के बाद डीआईओएस ने शेष 57 सहायता प्राप्त स्कूलों की जांच शुरू कर दी है। प्रधानाचार्यों से साल 2022 से 2026 तक के वेतन और एरियर संबंधी अभिलेख मांगे हैं।
एमआरआरएस इंटर कॉलेज के वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र और डीआईओएस कार्यालय के बाबू सागर कपूर की मिलीभगत से 2,49,77,389 रुपये का घोटाला परिचारकों के वेतन में किया गया था। इस मामले में दोषियों को निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने दो परिचारकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गबन सामने आने के बाद डीआईओएस ने पहले नौ स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों से अभिलेख मांगे थे। इनमें कमलापति इंटर कॉलेज बीघापुर और श्याम सेठ बालिका इंटर कॉलेज उन्नाव जैसे संस्थान शामिल थे। उनसे साल 2022 से 2026 तक के बैंक विवरण और वेतन संबंधी प्रमाणित छायाप्रतियां मांगी गई थीं। हालांकि अभी तक किसी भी स्कूल ने ये अभिलेख जमा नहीं किए हैं। अब जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के आदेश पर डीआईओएस ने सभी 57 अन्य कॉलेजों के अभिलेखों की जांच कराने की बात कही है।
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डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि जिलाधिकारी स्तर से एक विशेष टीम गठित की गई है। टीम में परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह शामिल हैं। वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेंद्र सिंह और बीएसए शैलेश कुमार पांडेय भी हैं। बताया कि इस पूरी जांच से स्कूलों की वित्तीय स्थिति का पता चलेगा। साथ ही, जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एमआरआरएस इंटर कॉलेज के वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र और डीआईओएस कार्यालय के बाबू सागर कपूर की मिलीभगत से 2,49,77,389 रुपये का घोटाला परिचारकों के वेतन में किया गया था। इस मामले में दोषियों को निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने दो परिचारकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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गबन सामने आने के बाद डीआईओएस ने पहले नौ स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों से अभिलेख मांगे थे। इनमें कमलापति इंटर कॉलेज बीघापुर और श्याम सेठ बालिका इंटर कॉलेज उन्नाव जैसे संस्थान शामिल थे। उनसे साल 2022 से 2026 तक के बैंक विवरण और वेतन संबंधी प्रमाणित छायाप्रतियां मांगी गई थीं। हालांकि अभी तक किसी भी स्कूल ने ये अभिलेख जमा नहीं किए हैं। अब जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के आदेश पर डीआईओएस ने सभी 57 अन्य कॉलेजों के अभिलेखों की जांच कराने की बात कही है।
डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि जिलाधिकारी स्तर से एक विशेष टीम गठित की गई है। टीम में परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह शामिल हैं। वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेंद्र सिंह और बीएसए शैलेश कुमार पांडेय भी हैं। बताया कि इस पूरी जांच से स्कूलों की वित्तीय स्थिति का पता चलेगा। साथ ही, जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।