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Unnao News: 26 दिन बाद खुले स्कूलों में छुट्टी सा माहौल...शिक्षक आए पर छात्र नहीं
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फोटो-10- ब्लॉक संसाधन केंद्र में रखी किताबें। संवाद
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उन्नाव। गर्मियों की 26 दिन की छुट्टियों के बाद मंगलवार को परिषदीय स्कूल फिर से खुल गए। पहले दिन स्कूलों में छुट्टी जैसा माहौल रहा। बहुत ही कम विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। कई स्कूलों में तो एक भी छात्र नहीं पहुंचा। शिक्षक उनका इंतजार करते रहे। जहां बच्चे आए थे वहां शिक्षकों ने मिड डे मील (एमडीएम) के नाम पर बिस्कुट खिलाकर काम चला लिया। जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने भी किसी स्कूल का निरीक्षण नहीं किया।
जिले में संचालित 2709 परिषदीय स्कूलों में 2.30 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश हुए थे। 15 जून से छुट्टियां समाप्त होने के बाद 16 जून से फिर से सुबह आठ बजे दोपहर दो बजे तक स्कूल खुले। शिक्षक तो स्कूल पहुंचे लेकिन उन्हें छात्रों के आने का इंतजार करना पड़ा। सुमेरपुर ब्लॉक में एक स्कूल ऐसा भी रहा कि एक भी छात्र न पहुंचने से शिक्षक गपशप कर समय बिताते रहे।
एक भी छात्र नहीं पहुंचा स्कूल
पाटन। सुमेरपुर ब्लॉक के भदिहा जंगल बुजुर्ग में मंगलवार सुबह 8:30 बजे संवाददाता पहुंचा तो वहां शिक्षामित्र अनीता सिंह उपस्थित थीं। इंचार्ज शिक्षक कमलेश सक्सेना और शिक्षामित्र उमा सिंह की ड्यूटी जनगणना में बताई गई। स्कूल में नामांकित 35 छात्रों में कोई भी नहीं आया। शौचालय का दरवाजा टूटा होने के साथ सीट भी टूटी थी। शिक्षामित्र ने बताया कि स्कूल बंद होने होने के बाद किसी ने तोड़ दिया।
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उधर, सुबह 10:30 बजे प्राथमिक विद्यालय संगनखेड़ा में सहायक शिक्षिका प्रीती, शिक्षामित्र उषा सिंह और विनोद कुमार मिले। स्कूल में नामांकित 33 छात्रों में कोई भी नहीं आया। बताया कि प्रधान शिक्षक अरविंद प्रताप सिंह अभिभावकों से संपर्क करने गांव गए हैं। स्कूल परिसर में जलभराव पर शिक्षिका ने बताया कि यह बारिश का पानी है। स्कूल की चहारदीवारी के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। शिक्षिका ने बताया कि कई बार शिकायत की लेकिन अभी तक नहीं हट पाई। बीईओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारी को लाइन हटवाने के लिए पत्र लिखा गया है जल्द ही लाइन हटवाई जाएगी। (संवाद)
टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते मिले छात्र
हसनगंज। धौरा प्राथमिक स्कूल में सुबह 10:30 बजे 45 छात्र मिले जबकि स्कूल में 197 छात्रों का नामांकन है। प्रधान शिक्षिका मोहिनी त्रिपाठी ने बताया कि पहला दिन होने से छात्र कम आए। बताया कि बेंच के लिए विभागीय अधिकारियों को छह महीने पहले पत्र भेजा था। अभी तक बेंच नहीं आईं।
प्राथमिक स्कूल बरौना न्यामतपुर में सुबह 11 बजे नामांकित 63 छात्रों में 10 छात्र ही आए। छात्रों के पास पूरी किताबें भी नहीं थीं। प्रधान शिक्षिका नुजहत रिजवी ने बताया कि अधिकांश पुस्तकें आ गई हैं। एक-दो विषयों की नहीं आई हैं। छात्रों को पुरानी किताबों से पढ़ाना मजबूरी है। सेमरामऊ कंपोजिट विद्यालय में सुबह 11:30 बजे पंजीकृत 179 में पांच छात्र आए थे। प्रधान शिक्षिका शिखा सिंह ने बताया कि अवकाश के बाद पहले दिन बच्चों की संख्या कम है। संख्या बुधवार से बढ़ेगी। बताया कि गणित प्रकाश सहित दो विषयों की पुस्तकें अभी तक नहीं आई हैं। जल्द आने की उम्मीद है। बीईओ दीपेश कुमार ने बताया कि किताबें पहुंच रही हैं। दो-चार दिन में सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत किताबें पहुंच जाएंगी। (संवाद)
पहले दिन स्कूलों में छात्र संख्या कम होने की जानकारी मिली है। शिक्षकों से अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन के साथ ही छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी छात्रों की संख्या नहीं बढ़ती है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।-शैलेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए
जिले में संचालित 2709 परिषदीय स्कूलों में 2.30 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश हुए थे। 15 जून से छुट्टियां समाप्त होने के बाद 16 जून से फिर से सुबह आठ बजे दोपहर दो बजे तक स्कूल खुले। शिक्षक तो स्कूल पहुंचे लेकिन उन्हें छात्रों के आने का इंतजार करना पड़ा। सुमेरपुर ब्लॉक में एक स्कूल ऐसा भी रहा कि एक भी छात्र न पहुंचने से शिक्षक गपशप कर समय बिताते रहे।
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एक भी छात्र नहीं पहुंचा स्कूल
पाटन। सुमेरपुर ब्लॉक के भदिहा जंगल बुजुर्ग में मंगलवार सुबह 8:30 बजे संवाददाता पहुंचा तो वहां शिक्षामित्र अनीता सिंह उपस्थित थीं। इंचार्ज शिक्षक कमलेश सक्सेना और शिक्षामित्र उमा सिंह की ड्यूटी जनगणना में बताई गई। स्कूल में नामांकित 35 छात्रों में कोई भी नहीं आया। शौचालय का दरवाजा टूटा होने के साथ सीट भी टूटी थी। शिक्षामित्र ने बताया कि स्कूल बंद होने होने के बाद किसी ने तोड़ दिया।
उधर, सुबह 10:30 बजे प्राथमिक विद्यालय संगनखेड़ा में सहायक शिक्षिका प्रीती, शिक्षामित्र उषा सिंह और विनोद कुमार मिले। स्कूल में नामांकित 33 छात्रों में कोई भी नहीं आया। बताया कि प्रधान शिक्षक अरविंद प्रताप सिंह अभिभावकों से संपर्क करने गांव गए हैं। स्कूल परिसर में जलभराव पर शिक्षिका ने बताया कि यह बारिश का पानी है। स्कूल की चहारदीवारी के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। शिक्षिका ने बताया कि कई बार शिकायत की लेकिन अभी तक नहीं हट पाई। बीईओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारी को लाइन हटवाने के लिए पत्र लिखा गया है जल्द ही लाइन हटवाई जाएगी। (संवाद)
टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते मिले छात्र
हसनगंज। धौरा प्राथमिक स्कूल में सुबह 10:30 बजे 45 छात्र मिले जबकि स्कूल में 197 छात्रों का नामांकन है। प्रधान शिक्षिका मोहिनी त्रिपाठी ने बताया कि पहला दिन होने से छात्र कम आए। बताया कि बेंच के लिए विभागीय अधिकारियों को छह महीने पहले पत्र भेजा था। अभी तक बेंच नहीं आईं।
प्राथमिक स्कूल बरौना न्यामतपुर में सुबह 11 बजे नामांकित 63 छात्रों में 10 छात्र ही आए। छात्रों के पास पूरी किताबें भी नहीं थीं। प्रधान शिक्षिका नुजहत रिजवी ने बताया कि अधिकांश पुस्तकें आ गई हैं। एक-दो विषयों की नहीं आई हैं। छात्रों को पुरानी किताबों से पढ़ाना मजबूरी है। सेमरामऊ कंपोजिट विद्यालय में सुबह 11:30 बजे पंजीकृत 179 में पांच छात्र आए थे। प्रधान शिक्षिका शिखा सिंह ने बताया कि अवकाश के बाद पहले दिन बच्चों की संख्या कम है। संख्या बुधवार से बढ़ेगी। बताया कि गणित प्रकाश सहित दो विषयों की पुस्तकें अभी तक नहीं आई हैं। जल्द आने की उम्मीद है। बीईओ दीपेश कुमार ने बताया कि किताबें पहुंच रही हैं। दो-चार दिन में सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत किताबें पहुंच जाएंगी। (संवाद)
पहले दिन स्कूलों में छात्र संख्या कम होने की जानकारी मिली है। शिक्षकों से अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन के साथ ही छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी छात्रों की संख्या नहीं बढ़ती है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।-शैलेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए

फोटो-10- ब्लॉक संसाधन केंद्र में रखी किताबें। संवाद

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