शौर्य दर्शन: पहली बार फुल ऑपरेशनल लोड के साथ गरजे वायुसेना के लड़ाकू विमान, काशी में 20 लाख ने देखा एयर शो
वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप सिंह ने अमर उजाला से खास बातचीत में इसे वाराणसी में हुए फ्लाईपास्ट की सबसे बड़ी खासियत बताया।
विस्तार
गंगा की लहरों के ऊपर आयोजित वायुसेना के फ्लाईपास्ट में लड़ाकू विमानों ने पहली बार प्रचंड फॉर्मेशन में फुल ऑपरेशनल लोड के साथ उड़ान भरी। इसमें ब्रह्मोस मिसाइल भी शामिल थी। वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप सिंह ने अमर उजाला से खास बातचीत में इसे वाराणसी में हुए फ्लाईपास्ट की सबसे बड़ी खासियत बताया।
प्रचंड फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और स्वदेशी तेजस ने एकसाथ उड़ान भरी। छह प्रकार के लड़ाकू विमानों का यह समन्वित प्रदर्शन वायुसेना की युद्धक तैयारी का परिचायक रहा। विंग कमांडर जयदीप सिंह के मुताबिक प्रचंड फॉर्मेशन में लड़ाकू विमान अपने पूरे काइनेटिक पोटेंशियल के साथ शामिल हुए। इसके जरिए वायुसेना ने लोगों को अपनी आक्रामक युद्धक क्षमता यानी ऑफेंसिव पोटेंशियल की झलक दिखाई। फॉर्मेशन में ब्रह्मोस सहित हथियारों से लैस विमानों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि जरूरत पड़ने पर वायुसेना प्रभावी आक्रामक कार्रवाई करने की क्षमता रखती है। पूरे शो में वायुसेना के 100 विमानों ने दमखम दिखाया।
सूर्यकिरण और सारंग की छटा
एयर शो में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी हवाई करतब दिखाए। एयर शो में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े नामों वाले फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहे। महादेव, नटराज, कैलाश, विश्वनाथ, त्रिदेव, हनुमान, वरुणा, ओंकार, भागीरथी, काशी, रुद्र और सारनाथ जैसे नामों से इन फॉर्मेशन को काशी की पहचान से जोड़ा गया। लड़ाकू विमानों के अलावा परिवहन विमानों, टोही विमानों और हेलिकॉप्टरों ने भी फ्लाईपास्ट में हिस्सा लिया।
क्या है फुल ऑपरेशनल लोड
फुल ऑपरेशनल लोड यानी सैन्य साजोसामान के साथ भरी उड़ानों के कारण यह एयर शो किसी सामान्य एयर शो से अलग रहा। इसमें विमानों ने अपनी परिचालन भूमिका से जुड़े हथियारों और उपकरणों के साथ उड़ान भरी। आमतौर पर वायुसेना के फ्लाई पास्ट में उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमान अपने साथ हथियार प्रणालियां लेकर नहीं चलते।
तीनों सेनाओं का समन्वय
फ्लाईपास्ट में सेना और नौसेना के विमानों की भागीदारी ने तीनों सेनाओं के बीच तालमेल का प्रदर्शन किया। विभिन्न सेनाओं के विमानों की भागीदारी से उनके बीच परिचालन संबंधी समन्वय देखने को मिला।
नमोघाट तक रोड शो...मोदी ने पांचवीं बार देखा एयर शो
वाराणसी। वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर एयर शो में शामिल होने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुलिस लाइन हेलिपैड से नमो घाट तक करीब 8 किमी रोड शो कर पहुचंे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों, डमरू वादन, शंखनाद से अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री भी कार से बाहर आए और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
यह पांचवां एयर शो है जिसमें पीएम मोदी वायुसेना के शौर्य के साक्षी बने। पोखरण से काशी तक वायुसेना के पराक्रम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साक्षी बन चुके हैं।
- प्रधानमंत्री ने पहली बार साल 2015 बंगलूरू में एयरशो देखा था। इसके बाद 2016 में राजस्थान के पोखरण में, 2023 में बंगलूरू, 2026 में सोमनाथ और रविवार को काशी के गंगा तट से एयर शो देखा।
एयर चीफ मार्शल से प्रधानमंत्री ने कहा...काशी मेरी अपनी है
पीएम मोदी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के बीच हुए संवाद में शहर के प्रति पीएम का अपनापन झलका। एयर चीफ मार्शल ने मीडिया को बताया कि जब उन्होंने पीएम को स्मृति चिह्न भेंट किया और काशी आने के लिए धन्यवाद दिया, तो प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि धन्यवाद उन्हें नहीं, बल्कि वायुसेना को देना चाहिए, जिसने इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। काशी मेरी अपनी है, काशी मेरी है। आपका धन्यवाद।
छठ और देव दीपावली से दो गुना से ज्यादा भीड़
प्रशासन के मुताबिक, एयरशो देखने के लिए ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि देव दीपावली और छठ से दो गुना ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी। दोनों ही प्रमुख पर्वों पर करीब 10 लाख लोग वाराणसी आते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 150 करोड़ की कपड़ा फैक्टरी का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अरविंद लि. के नए परिधान विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। मिर्जामुराद के खोचवां में 150 करोड़ रुपये की लागत से आठ एकड़ में स्थापित कंपनी की यह इकाई पूर्वांचल में पहली बड़ी फैक्टरी है। इस इकाई में प्रतिष्ठित ब्रांडों के लिए कपड़ों का उत्पादन किया जाएगा। स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट्स तैयार किए जाएंगे। इकाई में करीब एक हजार महिलाओं को रोजगार देने की योजना है। पीएम ने उद्घाटन के बाद संयंत्र में प्रशिक्षण ले रहीं महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने उनके काम, प्रशिक्षण और कामकाज के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।
काशी में 20 लाख ने देखा एयर शो
धर्म और आस्था की नगरी काशी रविवार को वायुसेना के शौर्य, साहस और अद्भुत हवाई कौशल की साक्षी बनी। नमो घाट पर तीन दिवसीय एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज कलाबाजियां देखीं। रविवार को आखिरी दिन 20 लाख लोगों ने वायुसेना का शौर्य देखा। गंगा पार 12 लाख और काशी के घाटों से 8 लाख लोगों ने एयर शो देखा।
वायुसेना ने पहली बार कुशल तालमेल से युद्धक दम दिखाया। सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और स्वदेशी तेजस ने जब एकसाथ उड़ान भरी, तो आसमान को रोमांच और राष्ट्रगौरव से भर दिया। आखिरी दिन पीएम मोदी के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद थे। वायुसेना प्रमुख एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णस्वामीनाथन, सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि भी एयर शो के दौरान मौजूद रहे।
बेटियों का साहस, 7 महिला पायलटों ने दिखाए करतब
- एयर शो में आठ महिला अधिकारियों ने अलग-अलग भूमिकाओं में हिस्सा लिया। इनमें छह पायलट, एक फाइटर पायलट और एक क्रू मेंबर शामिल थीं।
- शो की इकलौती महिला फाइटर पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिमरन थीं। सुखोई पायलट सिमरन ने रुद्र फॉर्मेशन में हिस्सा लिया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट अशप्रीत कौर ने एएलएच एमके-4, फ्लाइट लेफ्टिनेंट वी. गुप्त ने डॉर्नियर-228 और फ्लाइट लेफ्टिनेंट मेधावी तोमर ने एलसीएच के साथ उड़ान भरी।
कैलाश फॉर्मेशन में फ्लाइट लेफ्टिनेंट साधवी ने एम-32 की पायलट के रूप में हिस्सा लिया। उनके साथ स्क्वॉड्रन लीडर आर्या एस. क्रू मेंबर थीं। यह पहला मौका था जब एयर शो प्रचंड फॉर्मेशन में पांच अलग अलग लड़ाकू विमान मिसाइल से लोडेड शामिल हुए।