अक्षय तृतीया: अक्षय फल के लिए किए स्नान, दान और पुण्य की नई शुरुआत; बाबा के गर्भगृह में लगा फव्वारा
Varanasi News: वैशाख शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया पर सोमवार को अक्षय फल की कामना से लोगों ने गंगा स्नान, दान और पुण्य किया। घाटों पर सुबह से स्नान और पूजन के लिए भीड़ रही। वहीं, मंदिरों और मठों में भी पूजन-अर्चन हुआ।
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Varanasi News: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रीहरि विष्णु के बद्रीनारायण स्वरूप में शृंगार हुआ। बाबा के गर्भगृह में फव्वारा लगाया गया। वहीं, लोगों ने अक्षय फल के लिए शुभ कार्यों की शुरुआत की। सोने-चांदी व आभूषण से लेकर घरेलू सामग्री और वाहन तक की भी खरीदारी की। कुछ लोगों ने पांच शुभ मुहूर्त और राशि के अनुसार सामान खरीदे।
अक्षय तृतीया स्वयंसिद्ध मुहूर्तों में एक है। इस बार घाटों पर सुबह से ही स्नान करने के लिए भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर तीर्थपुरोहितों को दान-दक्षिणा दी। सत्तू, अन्न, जलपूरित घड़ा, पंखा, छाता, लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल कपड़े, सफेद मिठाई, दूध, दही, शंख या सफेद मोती, गेहूं, इत्र, रेशमी वस्त्र, मसूर दाल, चांदी के सिक्के, चांदी, दूध, चावल, मौसमी फल, चने की दाल, हल्दी आदि दान दिए गए। घाट किनारे के मंदिरों में दर्शन-पूजन किया गया।
शीतल पेय का वितरण
श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रीहरि विष्णु के बद्रीनारायण स्वरूप में शृंगार हुआ। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से परंपरानुसार मंदिर के गर्भगृह में ‘कुंवरा’ (फव्वारा) लगाया गया, जिससे शिवलिंग पर निरंतर जलाभिषेक होता रहेगा और बाबा को शीतलता मिलेगी। यह व्यवस्था पवित्र श्रावण मास के रक्षाबंधन तक रहेगी। न्यास के मुख्य कार्यपालक विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि बाबा को फव्वारा लगाया गया है। भोग आरती के समय भगवान श्री विश्वेश्वर का फलों के रस से विशेष अभिषेक हुआ। बढ़ती गर्मी से राहत के लिए धाम में बेल, नींबू एवं दही से निर्मित शीतल पेय का वितरण किया गया।
भारत विकास परिषद की ओर से रवींद्रपुरी स्थित वनखंडी महादेव मंदिर में शृंगार कराकर भजन संध्या का आयोजन हुआ। गायिका अनीता मिश्रा ने भजन प्रस्तुत किए, जबकि मृदु मेहरोत्रा ने नृत्यांजलि दी। पूजन में संदीप जायसवाल, ज्ञानी, अनिल मेहरोत्रा, शशि, पूनम जायसवाल, विवेक तिवारी, निशा त्रिपाठी, अनिता दुबे आदि शामिल रहे।
लक्ष्मी सहस्त्रार्चन हुआ
गोयनका गली स्थित गौरीशंकर महादेव मंदिर में लक्ष्मी सहस्त्रार्चन हुआ। आचार्य पं. अमित तिवारी के आचार्यत्व में यजमान ज्ञानेश्वर जायसवाल ने मां भगवती महालक्ष्मी के 1008 नामों से लक्ष्मी सहस्त्रार्चन की पूजा कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसमें चंद्रकांति पाल, विनय राय, अनिल मौर्य, लक्ष्मण पटेल आदि शामिल रहे।
श्री काशी सेवा संस्थान का शुभारंभ सारनाथ स्थित बाबा सारंगनाथ महादेव मंदिर में महारुद्राभिषेक के साथ हुआ। संस्थान के अध्यक्ष राजेश सेठ ने बताया कि समाज में अग्रणी सेवा के लिए संस्था कार्य करेगी। जरूरतमंदों और बुजुर्गों की सेवा के लिए तत्पर रहेगी। पूजन में पूर्व पार्षद किशोर सेठ, संतोष रावत, अजय सिंह, मनीष चौरसिया, मनीष मिश्रा आदि शामिल रहे।
जैन मंदिरों में भक्ताम्बर पाठ
अक्षय तृतीया पर जैन मंदिरों में भक्ताम्बर पाठ हुआ। भगवान सुपार्श्वनाथ की जन्मस्थली भदैनी दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र प्रभुदास जैन घाट पर 48 दीप जलाए गए और भक्ताम्बर पाठ हुआ। तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव को आहार दिया गया। वे छह माह निरंतर उपवास के बाद आज के ही दिन आहार ग्रहण किए थे। भगवान आदिनाथ ने पहले समाज में दान के महत्व को समझाया था। पाठ में सुरेंद्र कुमार जैन, बीना जैन, लता जैन, शशि जैन, मनोरमा जैन आदि शामिल रहीं।

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