निर्जला एकादशी 2026: काशी विश्वनाथ धाम में उमड़े श्रद्धालु, भीषण गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम
निर्जला एकादशी पर काशी विश्वनाथ धाम में करीब दो लाख श्रद्धालुओं के दर्शन किए जाने की संभावना है। वहीं मंदिर परिसर में गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम किए गए है।
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ज्येष्ठ माह की निर्जला एकादशी पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से ही भक्तों का धाम पहुंचना जारी रहा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शंभू शरण सिंह ने बताया कि सनातन धर्म के सभी प्रमुख पर्वों को मंदिर न्यास द्वारा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। निर्जला एकादशी के अवसर पर सामान्य दिनों की तरह ही दर्शन व्यवस्था संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन धाम में डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और निर्जला एकादशी पर भी लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा चार वर्ष पूर्व काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद से अब तक लगभग 30 करोड़ श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं। सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु आते हैं, वहीं सप्ताहांत पर यह संख्या ढाई से तीन लाख तक पहुंच जाती है। सावन के सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या 10 से 11 लाख तक पहुंच जाती है।
भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। धाम परिसर में जगह-जगह टेन्साइल स्ट्रक्चर और जर्मन हैंगर लगाए गए हैं। इसके अलावा मिस्ट फैन, वाटर कूलर, पेयजल की व्यवस्था तथा ओआरएस और ग्लूकोज उपलब्ध कराया जा रहा है। मंदिर कर्मी भी विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं को पानी पिलाने का कार्य कर रहे हैं।
शंभू शरण सिंह ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए धाम परिसर में चौबीसों घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। गंभीर स्थिति होने पर मंदिर प्रशासन की तीन एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाता है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित एसओपी के अनुसार सभी व्यवस्थाओं का पालन किया जा रहा है। बाबा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन ने सहयोग बनाए रखने की अपील भी की है।