Flood News: वाराणसी में बाढ़ से पहले की तैयारियां पूरी करने के निर्देश, डीएम ने की बैठक; गेट के ऊपर लगेगी जाली
Pre-Flood Preparations: वाराणसी के अस्सी नदी पर फ्लैपर गेट निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र पेश किया जाए। रामपुर ढाब और ढेलवरिया में भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कर स्थायी बाढ़ राहत शिविर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
विस्तार
Varanasi News: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ स्टियरिंग कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ से पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने विगत वर्षों में आई बाढ़ की स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। बताया गया कि गंगा, गोमती और वरुणा नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। डीएम ने निर्देश दिया कि जलनिकासी तंत्र को दुरुस्त रखा जाए और कूड़ा-कचरे के कारण जल प्रवाह में कोई अवरोध न हो। इसके लिए नालों और गेटों के ऊपर जाली लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जेनरेटर और पंपिंग सेट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्सी नदी पर फ्लैपर गेट निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। रामपुर ढाब और ढेलवरिया में भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कर स्थायी बाढ़ राहत शिविर स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
दिए गए निर्देश
पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया कि 15 जून से पहले पशुओं के लिए आवश्यक औषधियों का भंडारण और टीकाकरण अभियान पूर्ण कर लिया जाए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक बाढ़ राहत शिविर में चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया। राहत सामग्री की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि सदर तहसील क्षेत्र में वरुणा नदी से 36 वार्ड और गंगा नदी से 113 ग्राम प्रभावित होते हैं, जिससे पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है। अधिशासी अभियंता, बंधी प्रखंड ने बताया कि सिंचाई विभाग की तीन परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी बाढ़ बचाव परियोजनाएं 15 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में शिथिलता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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