लॉक डाउन की वजह से संकट की घड़ी में दिखा जज्बा, चंदौली का खाना बैंक मजदूरों को करा रहा भोजन
कोरोना महामारी से बचाव के लिए देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लागू कर दिया है। लोग घरों में कैद हो गए हैं। रोजी-रोजगार पूरी तरह से ठप हो गया है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी रोजी-रोजगार के लिए घर से दूर-परदेस में फंस गए मजदूरों और रोज कमाकर खाने वालों के सामने हो गई है। इनके सामने भुखमरी की स्थिति है। ऐसे लोगों की सहायता में स्वयं सेवी संगठन आगे आ रहे हैं।
खुले आसमान के नीचे रहने वालों के लिए खाने का प्रबंध करने वाली संस्था खाना बैंक के सदस्य इस मुश्किल परीस्थिति में भी लोगों को खाना पहुंचाने के लिए प्रतिदिन बाहर निकल रहे हैं। निजी बैंककर्मी मैनाताली निवासी अंकित त्रिपाठी ने 3 अगस्त 2018 को भुखे लोगों को खाना पहुंचाने के लिए खान बैंक की शुरूआत की थी।
वर्तमान में इनकी टीम में तुषार मगन, कृष्णकांत शर्मा, प्रवीण अग्रहरी, अमन जायसवाल, सुयष भारुका, मधुर अग्रवाल, लकी गुप्ता आदि जुटे हैं। लाक डाउन की घोषणा के बाद से संस्था ने जिम्मेदारी बढ़ा दी है। घरों से खाना लेकर प्रतिदिन सौ से सवा सौ लोगों को खाना बांट रहे हैं। खाना के साथ ही संस्था के सदस्य केला, बिस्कुट, मिठाइयां आदि भी बांट रहे हैं। इसी क्रम में चढ़दी कला संस्था की ओर से लगातार अलग अलग स्थानों पर लंगर चलाया जा रहा है। शुक्रवार को चंदासी मंडी में पहुंच कर लंगर चलाया। यहां खाना पैककर मंडी में फंसे सौ से अधिक मजदूरों को खाने का पैकेट दिया गया।
संस्था के सदस्य सतनाम सिंह, मनमीत सिंह राजन, सुखविंदर सिंह, कमलजीत सिंह, संता सिंह, राजन, सनी सिंह गांधी, संजय सचदेवा, संदीप सिंह, मोंटी, कुलदीप सचदेवा, राजा सिंह, सिमरन सिंह, सरदार महेन्द्र सिंह ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की ओर से जिला उपाध्यक्ष संतोष शर्मा ने गरीब असहाय लोगों को खाने के पैकेट बांटे।
जिला प्रशासन ने संगठनों की सराहना की
लाक डाउन के दौरान दिहेड़ी मजदूरों को खाने के पैकेट देने के लिए संगठनों की सराहना की है। अग्रसेन सेवा समिति, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, नवयुवक समिति, गल्ला मंडी,चढदी कला कार सेवा संस्था, परिवर्तन सेवा समिति, भारत सेवा ट्रस्ट एवं गंगा सेवा समिति चहनिया और बलुआ की का कार्य तारीफ के काबिल है।

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