मातम में बदली त्योहार की खुशी: पूर्व सैनिक सहित युवक की मौत, एक ट्रेन से गिरा; दूसरे की बाइक पिकअप से भिड़ी
ओवरटेक करने के दौरान पिकअप से बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना में बेटे के साथ उपचार कराने लखनऊ जा रहे पूर्व सैनिक की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। दोनों घटनाओं से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई की।
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बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर खेजुरी थाना क्षेत्र के जनुवान स्थित शहीद बाबा मजार के समीप शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में बिहार निवासी बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को सीएचसी खेजुरी भेजवाया जहां चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचित करने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
थानाध्यक्ष खेजुरी सुशील कुमार दुबे ने बताया कि बिहार के सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मीपुर निवासी विशाल कुमार (26) सुबह बाइक से बलिया की ओर जा रहा था। जनुवान के पास वह आगे चल रहे मैजिक वाहन को ओवरटेक करने लगा। इसी दौरान सामने से आ रही पिकअप से उसकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
बेटे के साथ उपचार कराने लखनऊ जाते समय ट्रेन से गिरकर पूर्व सैनिक की मौत
हल्दी थाना क्षेत्र के पिंडारी गांव निवासी भूतपूर्व सैनिक मदन मोहन यादव (71) की प्रतापगढ़ में ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। वह अपने आर्मी जवान पुत्र के साथ उपचार कराने लखनऊ जा रहे थे। शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पत्नी और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों, रिश्तेदारों और मित्रों का तांता लगा रहा। दाह संस्कार गंगाघाट पर हुआ।
परिजनों के अनुसार चार नवंबर को मदन मोहन की तबीयत खराब होने पर उनका पुत्र उन्हें उपचार के लिए वाराणसी ले गया था। बेहतर इलाज को लखनऊ जाते समय प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र के मां चंद्रिका देवी धाम रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर मिश्रौली गांव में मदन मोहन यादव ट्रेन से नीचे गिरने से मौत हो गई। शव पहुंचते ही पत्नी शांति देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बार-बार पति को याद कर बेसुध हो जा रही थीं। पुत्र पवन यादव, शैलेन्द्र यादव और आर्मी जवान मंजीत यादव तथा पुत्रियां बिंदु और कंचन की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया।