काशी में आज पहला एयर शो: पहली बार गंगा के ऊपर दिखेंगे राफेल, जगुआर और तेजस; लोगों ने देखा वायु सेना का शौर्य
वाराणसी में आज पहली बार गंगा के ऊपर एयर शो होगा। राफेल, जगुआर और तेजस समेत 100 एयरक्राफ्ट 25 तरह के मैन्यूवर दिखाकर वायुसेना का शौर्य प्रदर्शित करेंगे। बुधवार को अभ्यास पूरा हुआ, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे और लोग जुटे। नीलकंठ, त्रिदेव और प्रचंड समेत हर फॉर्मेशन का काशी की संस्कृति से जुड़ाव होगा।
विस्तार
विंग्स ओवर गंगेज की थीम पर वायु सेना की ओर से आयोजित तीन दिवसीय एरियल डिस्प्ले 2026 आज से शुरू हो रहा है। इसके लिए बुधवार को गंगा के ऊपर अभ्यास किया गया। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29 और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों ने मैन्यूवर दिखाए। राफेल और सुखोई की गर्जना से काशी का आसमान गूंज उठा।
नमो घाट पर एयर शो के लिए होने वाले अभ्यास को लेकर पहले ही एयर वाइस मार्शल पीवीएस नारायना ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी थी। बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस जैसे लड़ाकू विमान अपनी रफ्तार और युद्धक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इसमें आईएल 78 पहली बार एयर शो में शामिल होगा। वहीं, बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर थ्री सूर्यकिरन के 9 विमानों संग पहली बार एयर शो में मैन्यूवर करेगा।
नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्तूबर को होने जा रहे भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन-2026 में 100 विमान हिस्सा लेंगे। इसमें कैलाश, त्रिलोचन, नटराज और विश्वनाथ आदि जैसे 25 फॉर्मेशन के जरिये तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की झलक भी दिखाई देेगी। काशी के आसमान में नजर आने वाले लड़ाकू विमान देश के 12 अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरेंगे। इनमें चेन्नई के निकट स्थित नौसैनिक अड्डा अरक्कोणम भी शामिल है। यह एयर शो काशी के नमो से अस्सी घाट तक दिखाई देगा।
52 लड़ाकू, 15 परिवहन, 32 हेलिकॉप्टर और एक विंटेज विमान
उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन में 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलिकॉप्टर और एक विंटेज विमान समेत 100 विमान हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना के गरुण विशेष बल भी प्रदर्शन का हिस्सा होगा। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12:45 बजे पुलिस लाइन पहुचेंगे। यहां से नमो घाट पर एयर शो में शामिल होंगे। इस दौरान सड़क पर यातायात शून्य रहेगा। वहीं मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने प्रशासनिक तैयारियाें के बारे में जानकारी दी।
काशी से नीलकंठ तक, हर फॉर्मेशन का होगा खास नाम
हवाई प्रदर्शन में फॉर्मेशन को काशी और गंगा सहित धार्मिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान से जुड़े नाम दिए गए हैं। हर फॉर्मेशन की अपनी अलग विशेषता होगी। इसमें काशी, वरुणा, केदार, हनुमान, ओमकार, रुद्र, भागिरथी, त्रिदेव, अलकनंदा, भैरव, कैलाश, त्रिलोचन, नटराज, महादेव, विश्वनाथ, पशुपति, नीलकंठ, प्रचंड, एससीए तेजस और दशअश्व शामिल हैं। इनका फॉर्मेशन इस एयर शो को खास बनाएगा।
चिनूक के टच एंड गो ने सबको किया आकर्षित
एयर शो में भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर बेड़े से एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क थ्री, एएलएच मार्क 4, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 शामिल होंगे। परिवहन एवं अन्य सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई भाग लेंगे। लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए, मिग-29 और जगुआर शामिल होंगे। इसमें आईएल 78 पहली बार एयर शो में शामिल होगा।
थल सेना और नौसेना के दो हेलिकॉप्टर भी शो का हिस्सा
एयर शो में भारतीय थल सेना और नौसेना के भी दो हेलिकॉप्टर भी शामिल होंगे। इसमें दो एएलएच हेलिकॉप्टर तथा भारतीय नौसेना का एक पी-8आई और एक कामोव-31 हेलिकॉप्टर शामिल होगा। इस तरह अलग-अलग सैन्य प्लेटफॉर्म की भागीदारी संयुक्त सैन्य क्षमता और समन्वय दिखाएगी। भारतीय वायुसेना का यह प्रदर्शन युवाओं को प्रेरित करने, आधुनिक वायु शक्ति से परिचित कराने और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति वायुसेना की प्रतिबद्धता को सामने लाने का अवसर होगा। इसका संदेश सटीक, अभेद्य और अचूक है।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक बंद रहेगा नावों का संचालन
पुलिस आयुक्त ने बताया कि एयर शो के दिन 22, 24 और 25 अक्तूबर को सुबह 8 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक नावों का संचालन बंद रहेगा। केवन 12 नवों को बोट एंबुलेंस के तौर पर आपात सेवा के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं कुछ नावों को प्रयोग अतिथियों को गंगा के रास्ते नमो घाट तक ले जाने के लिए किया जाएगा।
एयर शो में इसी क्रम में होगा फॉर्मेशन, यह है इनकी खासियत
- काशी : तीन किरण विमान विजय के प्रतीक वी आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाएंगे।
- वरुणा : भारतीय वायुसेना और भारतीय थल सेना के तीन एएलएच मार्क थ्री हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। इस दौरान हेली-स्लिदरिंग ऑपरेशन का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसमें रस्सी के सहारे जवानों को नीचे उतारा जाता है।
- केदार : काशी फॉर्मेशन के बाद एक राफेल विमान कम ऊंचाई पर सटीक एयरोबेटिक दिखाएगा।
- हनुमान : इसमें एक सुखोई-30 एमकेआई विमान कम ऊंचाई पर एयरोबेटिक प्रदर्शन करेगा। इसके बाद सारनाथ फॉर्मेशन एक हार्वर्ड विमान हवाई करतब दिखाएगा।
- सारंग : भारतीय वायुसेना की अत्यंत कुशल सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम अपने विशेष हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांचित करेगी।
- ओंकार और गंगा : ओंकार फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर विक फॉर्मेशन में राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायुसेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। इसके बाद गंगा फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलिकॉप्टर पुष्पवर्षा करेंगे।
- रुद्र : एक सुखोई-30 एमकेआई विमान मुख्य मंच के ऊपर से तेज गति से गुजरेगा।
- भागीरथी : दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टरों (एलसीएच) और अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों का फॉर्मेशन डायमंड आकार में उड़ान भरेगा।
- त्रिदेव : भारतीय नौसेना का एक कामोव-31 हेलिकॉप्टर सबसे आगे रहेगा। भारतीय वायुसेना का एक एएलएच मार्क थ्री और भारतीय थल सेना का एक एएलएच मार्क थ्री हेलिकॉप्टर विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
- अलकनंदा : दो चिनूक और दो एएलएच मार्क फोर हेलिकॉप्टर उल्टे विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसमें एक चिनूक पीछे होगा।
- भैरव : एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान विक्ट्री फॉर्मेशन में मुख्य मंच के सामने से उड़ान भरेंगे।
- कैलाश : एक सी-130 और दो एएन-32 विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
- त्रिलोचन : एक एईडब्ल्यूएंडसी विमान दो मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेगा।
- नटराज : भारतीय नौसेना का एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। यह समुद्री निगरानी और हवाई युद्ध क्षमताओं के समन्वय को प्रदर्शित करेगा।
- महादेव : हवा में ईंधन भरने में सक्षम एक आईएल-78 विमान तीन मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा।
- विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ : ‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन में तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसके बाद पशुपति फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड फॉर्मेशन में आएंगे। अंत में तीन राफेल विमानों का नीलकंठ फॉर्मेशन होगा।
- प्रचंड : सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान तीर के अग्रभाग जैसे एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
- अस्सी : स्वदेशी एलसीए तेजस विमान अस्सी कॉलसाइन के साथ कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा। यह स्वदेशी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की क्षमता, उन्नत उड़ान कौशल और लड़ाकू विमानन में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक होगा।
- दशअश्व : एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरन हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए मुख्य मंच के ऊपर से शानदार फ्लाईपास्ट करेगा। इसके बाद देश की प्रसिद्ध सूर्यकिरन एयरोबेटिक टीम आकाश में अपना प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।