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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gandhi Jayanti 2022 Mahatma Gandhi came to Kashi in 1934 told cleanliness more important than freedom

Gandhi Jayanti 2022: 1934 में काशी आए थे महात्मा गांधी, स्वच्छता को बताया स्वतंत्रता से ज्यादा महत्वपूर्ण

Sun, 02 Oct 2022 09:49 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 02 Oct 2022 09:49 AM IST
सार

महात्मा गांधी 1934 में एक सप्ताह के लिए वाराणसी आए थे। बापू का काशी में एक सप्ताह बिताना काशी वासियों के लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं था। बापू 26 जुलाई 1934 से दो अगस्त 1934 तक महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रुके थे।

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Gandhi Jayanti 2022 Mahatma Gandhi came to Kashi in 1934 told cleanliness more important than freedom
Gandhi Jayanti 2022 - फोटो : Social Media

विस्तार

महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वतंत्रता से ज्यादा महत्वपूर्ण स्वच्छता है। बापू के इस कथन से जाहिर होता है कि निजी जीवन में वह स्वच्छता के कितने बड़े हिमायती थे। वह सिर्फ बाहरी स्वच्छता यानी घर, पड़ोस के ही पक्षधर नहीं थे। बल्कि उनका मानना था कि अगर मन साफ नहीं होगा तो अच्छे विचार आना असंभव है। 
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बापू ने स्वच्छ भारत का एक सपना देखा था, वह चाहते थे कि सभी नागरिक देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें। बापू के इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए मोदी सरकार ने 2014 में दो अक्तूबर से स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। 
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Gandhi Jayanti 2022 Mahatma Gandhi came to Kashi in 1934 told cleanliness more important than freedom
गांधी जयंती की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala
सुरक्षित हैं महात्मा गांधी की प्रतिमाएं
जिले में तीन जगहों पर महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, टाउनहॉल और मुकीमगंज स्थित गांधी चबूतरे पर बापू की प्रतिमा लगाई गई है। नगर निगम के अलावा भूस्वामी भी प्रतिमा की देखरेख करते हैं। 

Gandhi Jayanti 2022 Mahatma Gandhi came to Kashi in 1934 told cleanliness more important than freedom
गांधी जयंती की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala
काशी में बापू ने गुजारा था एक सप्ताह
महात्मा गांधी 1934 में एक सप्ताह के लिए वाराणसी आए थे। बापू का काशी में एक सप्ताह बिताना काशी वासियों के लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं था। बापू 26 जुलाई 1934 से दो अगस्त 1934 तक महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रुके थे। वह अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यकारिणी समिति तथा केंद्रीय हरिजन सेवक संघ के अधिवेशन में आए थे।
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