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ज्ञानवापी केस: रिवीजन में तीन आदेश रिकॉर्ड पर लेने की अर्जी, अनुष्का ने दी अर्जी, सुनवाई में बाधा का आरोप

Thu, 24 Sep 2026 11:38 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 24 Sep 2026 11:38 AM IST
सार

वाराणसी में ज्ञानवापी से जुड़े कई मामलों में सुनवाई हुई। वहीं मूल वाद में वाद मित्र की नियुक्ति से संबंधित रिवीजन अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम, एंटी करप्शन सुधाकर राय की अदालत में स्थानांतरित हो गई है। 

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Gyanvapi Case Application filed by Anushka to place three orders on record during revision proceeding varanasi
Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी से जुड़े मूल वाद में वाद मित्र की नियुक्ति से संबंधित रिवीजन अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम, एंटी करप्शन सुधाकर राय की अदालत में स्थानांतरित हो गई है। अनुष्का तिवारी ने सीमित कानूनी प्रस्तुति को अभिलेख पर लेने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। रिवीजन की अगली सुनवाई 24 अक्तूबर को होगी। 

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आवेदन के साथ 11 अप्रैल 2025, सात जुलाई 2025 और 16 दिसंबर 2025 को संबंधित स्थानांतरण वादों में पारित आदेशों की प्रतियां दाखिल की गई हैं। आवेदिका की ओर से कहा गया है कि ये कार्यवाहियां अलग-अलग मूल वादों से जुड़ी हैं, लेकिन सभी का संबंध स्वयंभू लॉर्ड विश्वेश्वर से है। 
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प्रार्थना पत्र में 12 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से पारित आदेश का भी उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि उक्त आदेश का विभिन्न न्यायिक कार्यवाहियों में संदर्भ दिया गया है। ऐसे में संबंधित स्थानांतरण आदेशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अभिलेख पर लिया जाना जरूरी है। 
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ज्ञानवापी वाद में अनुष्का तिवारी ने दी अर्जी, सुनवाई में बाधा का आरोप
सिविल जज (सीनियर डिवीजन), एफटीसी अभिषिक्त यादव की अदालत में लंबित ज्ञानवापी मूल वाद संख्या में अनुष्का तिवारी ने वादी संख्या-5 एवं नेक्स्ट फ्रेंड विजय शंकर रस्तोगी के आचरण को लेकर प्रार्थना पत्र दिया है। आरोप लगाया कि 31 अगस्त को पक्ष रखते समय रस्तोगी ने उन्हें बार-बार बाधित किया।


अदालत अब तीन अक्तूबर को करेगी सुनवाई
सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) अभिषिक्ता यादव के अवकाश पर रहने की वजह से बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार देने से संबंधित अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसका मुकदमा वर्ष 1991 में दाखिल हुआ था। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होनी थी। अब तीन अक्तूबर को सुनवाई होगी। मामले में वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की तरफ से पहले ही आपत्ति दाखिल की जा चुकी है। जिला जज की अदालत में ही ज्ञानवापी परिसर के एक हिस्से में सीलबंद ताले के खराब कपड़े बदलने के मामले में सुनवाई होनी है। इसकी अर्जी जिला प्रशासन की तरफ से दाखिल की गई थी।  

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