ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहा आइसोलेशन वार्ड, सीएचसी गजोखर में बना क्वारंटीन वार्ड
शहर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना के संदिग्ध और जरूरत पड़ने पर संक्रमित मरीज भर्ती करने के लिए क़्वारंटीन और आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। पिंडरा ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजोखर में 30 बेड का क्वारंटीन वार्ड और इसी ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुर में 30 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बड़ागांव डॉ. शेर मोहम्मद ने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा लिया और चिकित्सकों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि गंगापुर और गजोखर में 30 -30 बेड का आइसोलेशन वार्ड तथा क़्वारंटीन वार्ड तैयार हो गया है।
जरूरत पड़ने पर बेडों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो हम नजदीक के स्कूल कालेज में भी क़्वारंटीन वार्ड बना सकते हैं। बताया कि जो लोग बाहर से आए हैं और संदिग्ध है उन्हें होम क्वारंटीन किया जा रहा है।
थाना प्रभारी ने पीड़ित के परिवार को पहुंचाई खाद्य सामग्री
फूलपुर गांव में कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने के बाद तीन गांवों की सीमाएं सील कर दी गई थी। पीड़ित के परिवार को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन कर दिया गया है। इस बीच पीड़ित परिवार की दो बार जांच हुई और रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन कोरोना पीड़ित युवक दीनदयाल हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद भी अपने परिवार के लिए चिंतित हैं। शुक्रवार को फोन पर उसने अमर उजाला को बताया था कि मेरे परिवार वालों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। आसपास के लोग भी दूरी बनाए हैं। इसकी जानकारी जब थाना प्रभारी सनवर अली को हुई तो उन्होंने शनिवार सुबह पीड़ित के घर पहुंचकर परिजनों को खाद्य सामग्री पहुंचाई।
बेटे से हर दिन करते हैं बातचीत
पीड़ित के पिता ने कहा कि जबसे मेरा बेटा हॉस्पिटल में भर्ती हुआ है। तबसे हम लोगों को कोई पूछने वाला नहीं है। सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के लोग जांच के लिए आए थे। मेरा बेटा रोज फोन पर हम लोगों का हालचाल पूछता है हम लोग भी डॉक्टरों के निर्देश का पालन करते हुए घर में ही है, कही भी नहीं जा रहे हैं और न ही किसी से मिल रहे हैं।
कीवी खाना चाहता है पॉजिटिव युवक
दीनदयाल अस्पताल में भर्ती पॉजिटिव युवक ने फोन पर हुई बातचीत में कीवी खाने की इच्छा जताई है। बताया कि अमर उजाला में खबर छपने के बाद एक दिन मुझे एक किलो सेब लाकर दिया गया, जबकि इस समय मुझे विटामिन सी वाले फलों की आवश्यकता है। इसके लिए कीवी फल दिया जाय। जिस पर डॉक्टरों ने असमर्थता जताई। मेरी तीन बार जांच हुई लेकिन अभी तक एक बार भी मुझे रिपोर्ट नहीं दिखाई गई।

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