मकर संक्रांति 2026: बाजार में तिल-गुड़ की मिठास, काशी में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार का अनुमान
Varanasi News: वाराणसी में मकर संक्रांति को लेकर बाजार सज गए हैं। ठंड के बीच गजक, तिल के लड्डू और गुड़-पट्टी से बाजार महक उठा है। बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है।
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मकर संक्रांति के लिए जिले के बाजारों में रौनक है। ठंड के बीच गजक, तिल के लड्डू और गुड़-पट्टी की खुशबू से बाजार सराबोर हैं। कारोबारियों के मुताबिक, इस वर्ष संक्रांति के अवसर पर गजक और तिलकुट का कारोबार 50 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में उछाल के कारण इस बार आम आदमी की जेब पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लंका, भेलूपुर, रथयात्रा, विशेश्वरगंज समेत तमाम बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है।
दुकानदार रमेश कुमार के अनुसार इस साल तिल, गुड़ और मूंगफली के दामों में तेजी देखी गई है। इसका सीधा असर तैयार उत्पादों पर पड़ा है। गजक, तिलकुट और गुड़-पट्टी की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। व्यापारी मुकेश गुप्ता बताते हैं कि मजदूरी और परिवहन लागत बढ़ने के कारण उन्हें रेट बढ़ाने पड़े हैं, फिर भी ग्राहकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है।
शुगर-फ्री गजक की बढ़ी मांग
विशेश्वरगंज भैरोनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता बताते हैं कि इस बार बाजारों में पारंपरिक गजक के साथ-साथ कई नई वैरायटी उपलब्ध हैं। जहां गुड़-तिल गजक लगभग 340 रुपये प्रति किलो बिक रही है, वहीं देसी घी की गजक 550 से 600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। लोगों के लिए शुगर-फ्री और ड्राई फ्रूट तिलकुट की जबरदस्त मांग है। इसके अलावा मूंगफली की चिक्की, रेवड़ी और काले-सफेद तिल के लड्डू भी उपहार के तौर पर खूब खरीदे जा रहे हैं।
किसका कितना बढ़ा दाम (रुपये प्रति किग्रा)
| उत्पाद | कीमत (अब) | कीमत (पहले) |
| लाई | 62 | 50 |
| चूड़ा | 55 | 48 |
| चना | 120 | 110 |
| रेवड़ी | 85 | 80 |
| बादाम पट्टी | 110 | 80 |
| ढूंढा | 100 | 80 |