Exclusive: वाराणसी में एक साल में पकड़े गए 776 प्रतिबंधित पक्षी, सात तस्कर, सरगना का पता नहीं
Varanasi News: वाराणसी जिले में प्रतिबंधित पक्षियों का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। इस पूरे नेटवर्क के डीलरों और मुख्य सरगनाओं तक वन विभाग नहीं पहुंच पाया है।
विस्तार
वाराणसी जिले में वन विभाग की सुस्ती के कारण धड़ल्ले से प्रतिबंधित पक्षियों का कारोबार हो रहा है। एक साल में वन विभाग ने पुलिस के साथ कार्रवाई में 776 प्रतिबंधित पक्षियों को पकड़ा है। हैरानी की बात यह है कि चार बार की कार्रवाई के बावजूद केवल सात तस्करों की गिरफ्तारी हो सकी है।
इस पूरे नेटवर्क के डीलरों और मुख्य सरगनाओं तक वन विभाग नहीं पहुंच पाया है। वन विभाग पुलिस की कार्रवाई में शामिल होकर अपनी उपलब्धियां गिनाने में जुटा है, जबकि हकीकत यह है कि विभाग की ओर से पक्षियों के संरक्षण और तस्करी रोकने के लिए कोई ठोस अभियान नहीं चलाया गया।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। जबकि कुल कितने कर्मचारी हैं, इसकी भी जानकारी प्रभागीय वन अधिकारी बी. शिवशंकर के पास नहीं है। वह यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि इनके पास कितने रेंजर, वन संरक्षक और अन्य स्टाफ उनके हैं।
बहेलिया टोला प्रतिबंधित पक्षियों का हॉटस्पॉट
वन विभाग की सुस्ती का सीधा फायदा तस्कर उठा रहे हैं। जिले के सिगरा, लक्सा, मैदागिन, गुरुबाग, राजघाट जैसे कई इलाकों में खुलेआम प्रतिबंधित पक्षियों की खरीद-फरोख्त हो रही है। सबसे गंभीर स्थिति आदमपुर क्षेत्र के बहेलिया टोला की है, जहां करीब 50 दुकानों पर कछुए, लाल चिड़िया, अमेरिकन लव बर्ड्स समेत कई संरक्षित प्रजातियों की खुलेआम बिक्री हो रही है। बहेलिया टोला प्रतिबंधित पक्षियों का हॉटस्पॉट बना हुआ है। आए दिन इस तरह की तस्करी की खबरें आती रहती हैं।
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बहेलिया टोला प्रतिबंधित पक्षियों का हॉटस्पॉट
वन विभाग की सुस्ती का सीधा फायदा तस्कर उठा रहे हैं। जिले के सिगरा, लक्सा, मैदागिन, गुरुबाग, राजघाट जैसे कई इलाकों में खुलेआम प्रतिबंधित पक्षियों की खरीद-फरोख्त हो रही है। सबसे गंभीर स्थिति आदमपुर क्षेत्र के बहेलिया टोला की है, जहां करीब 50 दुकानों पर कछुए, लाल चिड़िया, अमेरिकन लव बर्ड्स समेत कई संरक्षित प्रजातियों की खुलेआम बिक्री हो रही है। बहेलिया टोला प्रतिबंधित पक्षियों का हॉटस्पॉट बना हुआ है।
कब कहां हुई कार्रवाई
- जनवरी 2026: कैंट स्टेशन पर पंजाब मेल से अमेठी से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे करीब 400 जंगली तोते बरामद किए गए, जिसमें तस्कर मोहम्मद जाहिद गिरफ्तार हुआ।
- नवंबर 2025 : एसटीएफ ने वाराणसी से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे 245 तोते और 12 मोर के साथ 4 तस्करों को पकड़ा, जो कौशांबी और प्रतापगढ़ से पक्षी खरीद रहे थे।
- मई 2025: बहेलिया टोला में छापेमारी के बाद 90 प्रतिबंधित पक्षी बरामद किए। इस बीच एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।
- फरवरी 2025: ब्रह्मा घाट पर पक्षी प्रेमियों की सूचना पर वन विभाग ने 41 प्रतिबंधित पक्षियों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
क्या कहते हैं अधिकारी
पक्षियों के तस्करी की सूचना वन विभाग को मिली है। जल्द ही अभियान चलाकर इस प्रकार की तस्करी करने वालों पर लगाम लगाया जाएगा।
-बी. शिवशंकर, प्रभागीय वन अधिकारी