एमएलसी चुनाव: आज पहड़िया मंडी में मतगणना, 34 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला; आठ जिलों में हुई थी वोटिंग
वाराणसी के पहड़िया मंडी में आज एमएलसी चुनाव की मतगणना होगी। इसके साथ ही आठ जिलों में हुए मतदान के बाद 34 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 24 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी की नजरें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं।
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विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीट के लिए मंगलवार को पहड़िया मंडी स्थित सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। इससे 34 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। उधर, रविवार देर रात मंडी में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हंगामा किया।
सपा नेता लालू यादव ने आरोप लगाया कि जानबूझकर खराब जेनरेटर लगाया गया है। बार-बार लाइट काटी जा रही है। बार-बार कैमरे बंद किए जा रहे हैं। रात से ही यहीं डटे हैं। यदि गड़बड़ी करने की कोशिश की तो सपा के कार्यकर्ता सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। इस्तकबाल कुरैशी ने कहा कि मंशा ठीक नहीं है।
उधर, निर्वाचन क्षेत्र के आठ जिलों में स्नातक और शिक्षक सीटों के लिए कुल 3,23,447 मतदाता पंजीकृत थे। मतगणना के लिए दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की व्यवस्था अलग-अलग की गई है। अलग कक्ष बनाए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होगी। वाराणसी खंड निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया शामिल हैं। इन जिलों में स्नातक निर्वाचन सीट के लिए 2,88,548 और शिक्षक निर्वाचन सीट के लिए 34,899 मतदाता पंजीकृत थे। स्नातक सीट पर 24 और शिक्षक सीट पर 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
तय समय पर स्ट्रांग रूम से निकाले जाएंगे बैलेट बॉक्स : मतदान के बाद आठों जिलों के बैलेट बॉक्स पहड़िया मंडी के स्ट्राॅन्ग रूम में रखवाए गए थे। मंगलवार को चुनाव अधिकारियों की देखरेख में बैलेट बॉक्स निकाले जाएंगे। इसके बाद बैलेट पेपर की गणना शुरू होगी।
मतगणना स्थल पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन : मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू होगी। स्ट्राॅन्ग रूम खोलने, बैलेट बॉक्स को बाहर निकालने और बैलेट पेपर की गिनती की प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में होगी। मतगणना स्थल पर प्रवेश की अनुमति और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का पालन कराया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों सीटों के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
मतगणना में मतपत्रों की गिनती निर्धारित वरीयता आधारित प्रक्रिया के अनुसार होगी। मतदान के दौरान मतदाताओं को अपनी पहली पसंद के प्रत्याशी के सामने अंक एक लिखना था। इसके बाद वे अपनी पसंद के अनुसार दूसरे और अन्य प्रत्याशियों को भी क्रमवार वरीयता दे सकते थे। मतपत्रों की वैधता की जांच और मतों की गणना निर्वाचन नियमों के अनुसार की जाती है। पूरी प्रक्रिया सामान्य विधानसभा चुनाव की मतगणना से अलग हो सकती है।
2020 में 936 मतों से जीते थे लाल बिहारी यादव, इस बार मुकाबला कड़ा
वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा के निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव, भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा और निर्दलीय प्रत्याशी चेतनारायण सिंह समेत 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में लाल बिहारी यादव ने डॉ. प्रमोद मिश्रा को 936 मतों से हराया था। पूर्व एमएलसी चेतनारायण सिंह भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे।
2020 के चुनाव के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लाल बिहारी यादव को 7,766 मत मिले थे, जबकि डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,830 मत मिले थे। दोनों के बीच 936 मतों का अंतर था। इस बार के परिणाम से दोनों प्रत्याशियों के प्रदर्शन की तुलना की जा सकेगी। 23 अक्तूबर को हुए मतदान में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 69.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आठ जिलों में 34,900 मतदाताओं में से 24,384 ने वोट डाले हैं।
सपा के आशुतोष, भाजपा के केदारनाथ के बीच मुकाबला
वाराणसी खंड स्नातक एमएलसी सीट पर सपा के निवर्तमान एमएलसी आशुतोष सिन्हा और भाजपा के पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह के बीच मुकाबले पर खास नजर रहेगी। दोनों प्रत्याशी पिछले चुनाव में भी आमने-सामने थे। इस बार स्नातक सीट पर कुल 24 प्रत्याशी मैदान में हैं।
केदारनाथ सिंह को भाजपा ने एक बार फिर प्रत्याशी बनाया था। इससे पहले भी इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, आशुतोष सिन्हा निवर्तमान एमएलसी हैं। दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव 2020 में आशुतोष सिन्हा को 26,335 मत मिले थे, जबकि केदारनाथ सिंह को 22,685 मत मिले थे। दोनों के बीच 3,650 मतों का अंतर रहा था।
मतपेटियां स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई हैं। 27 जवानों की पीएसी बटालियन 24 घंटे सुरक्षा में लगी है। किसी तरह की सेंधमारी संभव नहीं है। - राजेश पांडेय, डीसीपी वरुणा