आईसीयू नहीं, रोग प्रतिरोधक क्षमता से कोरोना को हराया, संक्रमित मरीजों को नहीं पड़ी वेंटिलेटर की जरूरत
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जिस तरह से कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग परेशान है, वहीं राहत की बात यह है कि जिले में संक्रमित मरीजों में अब तक किसी भी मरीज को वेंटिलेटर को जरूरत नहीं पड़ी है। जबकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आईसीयू में बेड और वेंटिलेटर रिजर्व रखा है। मरीजों ने प्रतिरोधक क्षमता के बल पर कोरोना को मात दी है।
स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता भी इसकी वजह मानी जा रही है। प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं जहां मरीजो को आईसीयू में इलाज किया जा रहा है लेकिन काशी के 77 मरीजों में एक भी मरीज ऐसा नहीं मिला जिसे कि आईसीयू में भर्ती करना पड़े और उसे वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी हो। सभी का आइसोलेशन में ही रखकर इलाज चल रहा है।
हर स्थिति से निपटने को तैयार है स्वास्थ्य विभाग
संक्रमण के शुरुआती दिनों से ही स्वास्थ्य विभाग ने इलाज और जांच की व्यवस्था में हर स्थिति से निपटने की तैयारी कर ली थी। इसमें जहां सरकारी और निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और मेडिकल क्वारंटीन सेंटर बनाया गया। वहीं आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आईसीयू और वेंटिलेटर की भी व्यवस्था की गई।
जानकारी मिलते ही डाक्टरो पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भेजकर मरीजो और उनके संपर्क में आने वालों की स्क्रीनिंग कराई गई। सैंपल भी लिए गए,जिससे समय रहते संक्रमण को रोका जा सके। सभी मरीज बेहतर है और किसी को भी आईसीयू की जरूरत नही पड़ी।
डॉ. वीबी सिंह,सीएमओ
यह भी जानना है जरूरी
- घर मे रहकर नियमित व्यायाम करना चाहिए।
- हल्का गुनगुना पानी इस समय पिये तो बेहतर होगा।
- बाहर जितना कम हो निकले।
- किसी तरीके की समस्या पर तुरंत डाक्टर की सलाह ले।
- हरी सब्जियों, मौसमी फल का सेवन करें।