लॉकडाउन के बाद मजदूरों की मदद को आगे बढ़े हाथ, कोई गरीबों को पहुंचा रहा खाना तो कोई दे रहा राशन
कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रभावी लॉकडाउन ने दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी दुकानदारों की रोजी छिन ली है। उनके समक्ष उत्पन्न भोजन की समस्या के समाधान के लिए जिले के समाजसेवी और सामाजिक संगठन आगे आए हैं। जिला प्रशासन की अपील के बाद पहल करते हुए ऐसे परिवारों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने का फैसला लिया है, जिनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है। कोई पूड़ी-सब्जी के पैकेट बनाकर बांट रहा है तो कोई उन्हें घर जाकर राशन पहुंचा रहा है।
पिछले तीन दिनों से चल रहे लॉकडाउन के चलते दवा, दूध, किराना, सब्जी, पशु चारा के अलावा अन्य सभी तरह की दुकानें पूरी तरह बंद हैं। इससे खास तौर से उस वर्ग के लिए पेट भरने का संकट आ गया है, जो रोज दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। रिक्शा-ठेला चालक, चाय-पान के छोटे दुकानदार, फेरी करने, फुटपाथ और रेहड़ी पर दुकान लगाने वाले हजारों परिवारों के समक्ष आमदनी का कोई जरिया न होने से घर में चूल्हा जल पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन ने समाजसेवी संस्थाओं से पहल की अपील की थी।
मुंबई के उद्योगपति ज्ञानप्रकाश सिंह ने इस दिशा में पहला कदम उठाया है। गुरुवार को उन्होंने सौ से अधिक परिवारों को पूड़ी-सब्जी का पैकेट वितरित कराया। लगातार ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को भी भोजन के पैकेट दिए गए। ज्ञानप्रकाश सिंह ने बताया कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन का पालन करना जरुरी है, मगर इसके चलते दिहाड़ी मजदूरों का रोजगार भी ठप पड़ गया है। ऐसे लोग मोबाइल नंबर 8765450555 पर सूचित करे, उन्हें भोजन पहुंचाया जाएगा।
उधर, मछलीशहर में एसडीएम की अपील पर नगर के प्रमुख फल और सब्जी व्यवसायी हाजी सिद्दीकी और उनके पुत्र सरवर राइन ने 150 जरूरतमंदों में खाद्य सामग्री का पैकेट वितरित किया। प्रत्येक पैकेट में आलू, दाल, टमाटर, आटा, तेल, नमक शामिल रहा। इसी तरह मीरगंज क्षेत्र में भटहट की प्रधान ऊषा देवी के पुत्र सुधीश मौर्य सिंटू ने मुसहर बस्ती के 90 परिवारों को तीन किलो चावल, तीन किलो आटा, आधा किलो दाल, सरसों का तेल, नमक का पैकेट प्रदान किया। रामपुर की ग्राम प्रधान उर्मिला देवी ने सौ परिवारों को चार सौ रुपये की दर से नकद राशि प्रदान की है।
मसीहा बने पुलिसकर्मी, झुग्गियों में बांटा भोजन
कोरोना संकट की इस घड़ी में पुलिस का भी मानवीय चेहरा सामने आया है। झुग्गी-झोपडिय़ों में भूखे-प्यासे लोगों तक पुलिस ने खाना पहुंचाया। बुधवार की रात शाहगंज में एसडीएम और सीओ की उपस्थिति में प्रभारी निरीक्षक शाहगंज ने फैजाबाद रोड के किनारे झुग्गी झोपड़ी में निवास करने वाले गरीबों को खाने का पैकेट वितरित किया। लोगों को वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के उपायों को बताते हुए घर में अपने परिवार व खुद को सुरक्षित रखने की अपील की गई।
20 रुपये में घर पहुंचेंगा पूड़ी सब्जी या वेज बिरयानी
शहर में ऐसे भी तमाम लोग हैं, जो रोजगार या नौकरी के सिलसिले में यहां रहते हैं। होटल में ही उनका खानपान होता है। पिछले तीन दिनों से होटल बंद होने के कारण इनके समक्ष भी पेट भरने का संकट है। लिहाजा उन्हें शुल्क देकर घर भोजन पाने की व्यवस्था भी शुरू की गई है। महज 20 रुपये में उन्हें पूड़ी सब्जी या वेज बिरयानी घर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आसरा द होपस ट्रस्ट के सिराजअहमद ने यह जिम्मा लिया है। कोई व्यक्ति भी उन्हें फोन नंबर 8726727578 और 8869907336 पर संपर्क कर घर पर खाने का पैकेट मंगवा सकता है। डीएम ने कहा कि जिले में लोगों को जरुरी सामानों की दिक्कत नहीं होगी, बस वह घर से बाहर न निकलें।

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