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चिंताजनक: एक भरने के लिए ले रहे दूसरा लोन, काशी में 50 हजार लोगों को क्रेडिट कार्ड की लत

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 12 Jan 2026 05:04 PM IST
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सार

वाराणसी में 50 हजार लोगों को क्रेडिट कार्ड की लत लग गई है। ऐसे में एक भरने के लिए दूसरा लोन ले रहे हैं। वहीं ऑनलाइन शॉपिंग, कार, आदि के लिए आसानी से मिलने वाला कर्ज लोगों पर बोझ डाल रहा है।

Varanasi 50,000 people addicted to credit card Taking out second loan to pay off first one
क्रेडिट कार्ड - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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वाराणसी जिले में लगभग 50 हजार लोगों को क्रेडिट कार्ड और लोन की लत लग गई है। सरकारी और प्राइवेट बैंकों से मिली जानकारी के मुताबिक, इसमें प्राइवेट नौकरी करने वाले, छात्र और छोटे तबके के व्यापारी भी शामिल हैं। स्थिति यह है कि एक कार्ड का पेमेंट करने के लिए दूसरे कार्ड से पैसे निकाल रहे हैं। सैलरी आते ही 40 प्रतिशत तक तनख्वाह ईएमआई और क्रेडिट कार्ड के पेमेंट में कट जाती है। ऑनलाइन शॉपिंग, कार, आदि के लिए आसानी से मिलने वाला कर्ज लोगों पर बोझ डाल रहा है।

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केस- 1
सिगरा के आकाश को दो साल पहले एक नामी कंपनी का क्रेडिट कार्ड मिला था। शुरुआत में उन्होंने इसका इस्तेमाल केवल ऑनलाइन शॉपिंग और दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में डिनर के लिए किया। धीरे-धीरे रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक के लालच में उन्होंने आईफोन और एक स्पोर्ट्स बाइक भी ईएमआई पर ले ली। आज स्थिति यह है कि आकाश की 28 हजार रुपये की सैलरी में से 18 हजार रुपये सिर्फ क्रेडिट कार्ड बिल और लोन की किश्तों में चले जाते हैं। पिछले महीने बाइक की ईएमआई बाउंस होने पर बैंक ने 450 रुपये की पेनाल्टी लगा दी और उनका सिबिल स्कोर भी गिर गया।
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केस- 2
लंका क्षेत्र में छोटी सी दुकान चलाने वाले मुकुंद ने व्यापार को पटरी पर लाने के लिए बैंक से पर्सनल लोन और दो क्रेडिट कार्ड लिए थे। व्यापार में उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं हुआ, लेकिन बैंक के चार्ज बढ़ते गए। मुकुंद एक कार्ड का पेमेंट करने के लिए दूसरे कार्ड से पैसे निकालते रहे, जिससे उन पर प्रोसेसिंग फीस और भारी ब्याज का बोझ पड़ गया।

प्रोसेसिंग फीस से सर्विस चार्ज तक बना रहे कंगाल

कई बार ऐसा भी हो रहा है कि एक क्रेडिट कार्ड का पेमेंट करने के लिए दूसरे का बैलेंस ट्रांसफर करना पड़ रहा है और उसके लिए तीसरे कार्ड का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। बैंक चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और ब्याज के कारण महीने की पूरी तनख्वाह निकल जा रही है। युवा वर्ग बदलती लाइफस्टाइल में लग्जरी जीवन जीने के लिए भी क्रेडिट कार्ड का सहारा ले रहे हैं।

पेनल्टी के साथ सिबिल पर पड़ता है असर
एसबीआई मेन ब्रांच के मैनेजर वेद प्रकाश शर्मा बताते हैं कि बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने पर अगर एक भी किश्त बाउंस होती है, तो बैंक तुरंत 350-450 रुपये की पेनल्टी लगा देता है। कई फाइनेंस कंपनियां पेनाल्टी के साथ ही किसी भी चूक पर व्यक्ति का सिबिल स्कोर खराब कर देती हैं।
 
एक्सपर्ट की राय

  • महीने की शुरुआत में बजट बनाएं।
  • खर्च कम करें।
  • क्रेडिट कार्ड का उपयोग सीमित करें।
  • सब्सक्रिप्शन और आपातकालीन खर्च पर नियंत्रण रखें।

क्या बोले अधिकारी

इंस्टेंट लोन एप्स और बिना जांच के क्रेडिट कार्ड बांटने की होड़ के कारण ऐसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। छात्र जीवन में ही युवाओं को लुभावने ऑफर देकर कार्ड थमा दिए जाते हैं। बिना वित्तीय साक्षरता के, छोटे व्यापारी व्यापार विस्तार के बजाय दिखावे और उपभोग में इन पैसों को खर्च कर रहे हैं। -ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, वित्तीय सलाहकार
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