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खरमास पर विराम: चार माह में 29 दिन गूंजेगी शहनाई, जून में सबसे ज्यादा 10 मिले मुहूर्त; मलमास की तारीख जान लें
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 15 Apr 2026 04:15 PM IST
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सार
Varanasi News: खरमास पर विराम लगने के बाद अब मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी हो गई है। अक्षय तृतीया से शादियां शुरू हो जाएंगी। अप्रैल में छह, मई में सात, जून में 10 और जुलाई में छह विवाह के मुहूर्त हैं।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
खरमास मंगलवार को समाप्त हो गया। अब बुधवार से मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। वैवाहिक मुहूर्त अक्षय तृतीया से शुरू हो रहे हैं। अप्रैल व मई में 13 शादियों के मुहूर्त बन रहे हैं। इस बार ज्येष्ठ मास में ही पुरुषोत्तम मास के शुद्ध ज्येष्ठ कृष्ण और शुद्ध शुक्ल पक्ष में मांगलिक कार्य होंगे। मगर, एक माह के पुरुषोत्तम मास के दौरान फिर मांगलिक कार्य विराम लग जाएगा।
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खरमास (मीन संक्रांति) 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल को समाप्त हुआ। इस एक महीने की अवधि में सूर्य मीन राशि में रहते हैं, इसके चलते विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य बंद रहे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय और आचार्य देवज्ञ कृष्ण शाससी ने बताया कि मंगलवार को सूर्य के मेष संक्रांति में प्रवेश करने के साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो गए। मगर, विवाह के लगन नहीं मिलने के चलते अक्षय तृतीया से शादियां शुरू होंगी।
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अप्रैल में छह, मई में सात, जून में 10 और जुलाई में छह विवाह के मुहूर्त हैं। नक्षत्र के आधार पर कुछ शादियां होंगी। 17 मई को पुरुषोत्तम मास या मलमास लगने से एक बार फिर मांगलिक कार्य पर विराम लग जाएगा। इसके बाद 15 जून को पुरुषोत्तम मास के समाप्त होते ही मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे।
चातुर्मास के समापन पर 21 नवंबर से मांगलिक कार्य
चातुर्मास में मांगलिक कार्य पर फिर विराम लग जाएगा। मान्यता है कि जगत के पालनहार भगवान विष्णु चार माह पाताललोक में जाकर विश्राम करते हैं। इस समय को चातुर्मास कहा जाता है। चातुर्मास 25 जुलाई से 21 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा।
शादी के माहवार मुहूर्त
अप्रैल में 20, 21, 25, 26, 28, 30, मई 03, 05, 06, 07, 08, 12, 14, जून 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 27, 28, 29, जूलाई 01, 02, 06, 07, 08, 11 तक लगन के मुहूर्त बन रहे हैं।
17 मई से 15 जून तक रहेगा अधिमास
17 मई से 15 जून तक मलमास (अधिमास या पुरुषोत्तम मास) लग जाएगा। इस दौरान फिर से मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। लगभग एक महीने तक शादियां नहीं होंगी। इसलिए लोगों को सीमित समय में ही आयोजन करना होगा। यह ज्योतिषीय गणना के अनुसार तय होता है। मलमास के बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा। चातुर्मास करीब चार महीने तक चलता है। इस दौरान भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय व्रत-उपासना का होता है। शादी-विवाह जैसे आयोजन पूरी तरह बंद रहते हैं। इसलिए वर्तमान समय को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शादी के माहवार मुहूर्त
अप्रैल में 20, 21, 25, 26, 28, 30, मई 03, 05, 06, 07, 08, 12, 14, जून 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 27, 28, 29, जूलाई 01, 02, 06, 07, 08, 11 तक लगन के मुहूर्त बन रहे हैं।
17 मई से 15 जून तक रहेगा अधिमास
17 मई से 15 जून तक मलमास (अधिमास या पुरुषोत्तम मास) लग जाएगा। इस दौरान फिर से मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। लगभग एक महीने तक शादियां नहीं होंगी। इसलिए लोगों को सीमित समय में ही आयोजन करना होगा। यह ज्योतिषीय गणना के अनुसार तय होता है। मलमास के बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा। चातुर्मास करीब चार महीने तक चलता है। इस दौरान भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय व्रत-उपासना का होता है। शादी-विवाह जैसे आयोजन पूरी तरह बंद रहते हैं। इसलिए वर्तमान समय को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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