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Almora News: बिनसर में वर्ड वाचिंग की अपार संभावनाएं हैं मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:29 AM IST
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अल्मोड़ा। विलेज वेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से माउंटेन रिजॉर्ट खाली स्टेट बिनसर में वडिंग फेस्टिवल आयोजित किया गया। इस दौरान राज्य में पर्यटन और वर्ल्ड वाचिंग विषय पर चर्चा हुई। विलेज वेज की निदेशक मनीषा पांडे ने कहा कि देश और दुनिया में वर्ड वाचिंग पर्यटन का अहम हिस्सा बन चुका है। उत्तराखंड विशेषकर बिनसर में वर्ड वाचिंग की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कई राज्यों में वर्ड वाचिंग को कृत्रिम उपकरणों के उपयोग को पक्षी जगत एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए खतरनाक बताते हुए इस प्रवृत्ति के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता बताई। लोक प्रबंध विकास संस्था के ईश्वर जोशी ने बिनसर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पक्ष को रखते हुए कहा कि बिनसर में 200 प्रजाति के पक्षी हैं। यहां प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ रही हैं। ग्रीष्म काल में प्रवास पर आने वाले कई पक्षी अब यहां जाड़ों में भी दिखाई देने लगे हैं जो यहां हो रहे जलवायु परिवर्तन को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा है।
पक्षी विशेषज्ञ गाइड दीपक जोशी ने बिनसर में पाए जाने वाले पक्षी, उनकी प्रकृति तथा उनसे जुड़ी लोक कहानियों को स्लाइड शो के माध्यम से प्रस्तुत किया। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बिनसर और आसपास क्षेत्र में अभयारण्य प्रशासन की ओर से की गई रोकथाम के बावजूद पर्यटकों के पालीथिन, प्लास्टिक आदि कूड़ा-कचरा को जगह-जगह फेंकने पर चिंता जताई। गाइड हेम जोशी तथा पूरन सिंह पिलख्वाल ने बर्ड वाचिंग से संबधित अपने अनुभव साझा किए।
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रंगारंग कार्यक्रमों में बिखेरे बहुरंगी रंग
राजकीय प्राथमिक विद्यालय भेटुली तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भेटुली के बच्चों ने पहाड़ की संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन तारा सिंह तथा दीपक ने किया। वहां शिक्षक नितिन जोशी, मथुरा पांडेय, हिमांशु पांडेय, नूतन जंगपांगी, दीप्ति भोजक, वन दरोगा मोहित कुमार, वीरेंद्र सिंह, घनश्याम पांडेय आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कई राज्यों में वर्ड वाचिंग को कृत्रिम उपकरणों के उपयोग को पक्षी जगत एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए खतरनाक बताते हुए इस प्रवृत्ति के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता बताई। लोक प्रबंध विकास संस्था के ईश्वर जोशी ने बिनसर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पक्ष को रखते हुए कहा कि बिनसर में 200 प्रजाति के पक्षी हैं। यहां प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ रही हैं। ग्रीष्म काल में प्रवास पर आने वाले कई पक्षी अब यहां जाड़ों में भी दिखाई देने लगे हैं जो यहां हो रहे जलवायु परिवर्तन को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा है।
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पक्षी विशेषज्ञ गाइड दीपक जोशी ने बिनसर में पाए जाने वाले पक्षी, उनकी प्रकृति तथा उनसे जुड़ी लोक कहानियों को स्लाइड शो के माध्यम से प्रस्तुत किया। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बिनसर और आसपास क्षेत्र में अभयारण्य प्रशासन की ओर से की गई रोकथाम के बावजूद पर्यटकों के पालीथिन, प्लास्टिक आदि कूड़ा-कचरा को जगह-जगह फेंकने पर चिंता जताई। गाइड हेम जोशी तथा पूरन सिंह पिलख्वाल ने बर्ड वाचिंग से संबधित अपने अनुभव साझा किए।
रंगारंग कार्यक्रमों में बिखेरे बहुरंगी रंग
राजकीय प्राथमिक विद्यालय भेटुली तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भेटुली के बच्चों ने पहाड़ की संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन तारा सिंह तथा दीपक ने किया। वहां शिक्षक नितिन जोशी, मथुरा पांडेय, हिमांशु पांडेय, नूतन जंगपांगी, दीप्ति भोजक, वन दरोगा मोहित कुमार, वीरेंद्र सिंह, घनश्याम पांडेय आदि मौजूद रहे।