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Almora News: मानव वन्यजीव के अस्तित्व पर शोध ने दिखाई नई दिशा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:19 PM IST
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अल्मोड़ा। प्रदेश में बढ़ते मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में रानीखेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय की शोध प्रधान अन्वेषक डॉ. बरखा रौतेला ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत संचालित शोध परियोजना पूरी की। यह परियोजना प्रदेश में बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में अहम साबित होगी।
शोध का विषय समकालीन उत्तराखंड में मानव वन्यजीव सह अस्तित्व के विखंडन की चुनौतियां जिम कॉर्बेट और रस्किन बॉन्ड के विशेष संदर्भ में था। डॉ. बरखा ने बताया कि दो वर्षों तक चले शोध में स्थानीय समुदायों, वन विभाग के अधिकारियों और शोधार्थियों के साथ वार्ता और क्षेत्रीय अध्ययन को विशेष महत्व दिया गया। शोध के निष्कर्षों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई है।
उन्होंने बताया कि शोध रिपोर्ट में मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए व्यावहारिक सुझाव और ठोस उपाय शामिल हैं। शोध में सहायक गोपाल मंडल और भरत जोशी भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का पल बताया। कहा कि यह शोध भविष्य में शोधार्थियों को नई दिशा देगा। वहीं प्रदेश की वन्यजीव नीतियों और भविष्य की रणनीतियों के निर्माण में भी सहायक होगा।
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शोध का विषय समकालीन उत्तराखंड में मानव वन्यजीव सह अस्तित्व के विखंडन की चुनौतियां जिम कॉर्बेट और रस्किन बॉन्ड के विशेष संदर्भ में था। डॉ. बरखा ने बताया कि दो वर्षों तक चले शोध में स्थानीय समुदायों, वन विभाग के अधिकारियों और शोधार्थियों के साथ वार्ता और क्षेत्रीय अध्ययन को विशेष महत्व दिया गया। शोध के निष्कर्षों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई है।
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उन्होंने बताया कि शोध रिपोर्ट में मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए व्यावहारिक सुझाव और ठोस उपाय शामिल हैं। शोध में सहायक गोपाल मंडल और भरत जोशी भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का पल बताया। कहा कि यह शोध भविष्य में शोधार्थियों को नई दिशा देगा। वहीं प्रदेश की वन्यजीव नीतियों और भविष्य की रणनीतियों के निर्माण में भी सहायक होगा।