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Almora News: सुकून की तलाश में पहुंचे सैलानियों के लिए जाम बना आफत, रेंगते रहे वाहन
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अल्मोड़ा। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी और स्कूलों में हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुकून की तलाश में पहाड़ों का रुख कर रहे पर्यटकों के लिए सफर मुसीबत का सबब बनता जा रहा है।
बुधवार को चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते हिल स्टेशनों की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का भारी दबाव रहा। पहले कैंची धाम, फिर क्वारब और अंत में अल्मोड़ा नगर के भीतर लगे भीषण जाम के कारण यात्री दिनभर बेहाल रहे। स्थिति यह रही कि अल्मोड़ा से हल्द्वानी का सफर तय करने में यात्रियों को छह से सात घंटे का समय लग रहा है।
सड़कों पर बाहरी राज्यों दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले पर्यटक कई बार सड़कों के किनारे ही बेतरतीब ढंग से अपने वाहन पार्क कर देते हैं जिससे पहले से संकरे रास्ते और छोटे हो जाते हैं।
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बुधवार को कैंची धाम में लगे लंबे जाम से छूटने के बाद यात्रियों को क्वारब बाईपास पर दोबारा रेंगना पड़ा। इसके बाद शाम के समय अल्मोड़ा नगर के भीतर एलआर साह रोड पर भी भारी जाम लग गया। इस वजह से न सिर्फ वाहन चालक बल्कि पैदल चलने वाले राहगीर भी वाहनों के बीच फंसने को मजबूर हो गए।
जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित, एंबुलेंस के लिए भी रास्ता नहीं
सामान की किल्लत : लगातार लग रहे जाम का असर अब आम जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। जाम में फंसने के कारण दूध, सब्जी, राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर आ रहे वाहन समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे स्थानीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत का खतरा मंडराने लगा है।
आपातकालीन सेवाएं प्रभावित : स्थानीय निवासियों ने चिंता जताते हुए कहा कि कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में जाम इस कदर बढ़ जाता है कि गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पाता। इससे मरीजों की जान पर बन आ रही है।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग -
कैंची धाम में जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। जाम में कई बार एंबुलेंस भी घंटों फंसी रह जाती है जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है। प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। - भरत पांडे, निवासी अल्मोड़ा
- नगर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहन जाम की मुख्य वजह हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी गाड़ियां कहीं भी खड़ी कर देते हैं। जब तक निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े करने का नियम सख्ती से लागू नहीं होगा, तब तक इस समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। - विमला बोरा, निवासी अल्मोड़ा
बुधवार को चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते हिल स्टेशनों की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का भारी दबाव रहा। पहले कैंची धाम, फिर क्वारब और अंत में अल्मोड़ा नगर के भीतर लगे भीषण जाम के कारण यात्री दिनभर बेहाल रहे। स्थिति यह रही कि अल्मोड़ा से हल्द्वानी का सफर तय करने में यात्रियों को छह से सात घंटे का समय लग रहा है।
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सड़कों पर बाहरी राज्यों दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले पर्यटक कई बार सड़कों के किनारे ही बेतरतीब ढंग से अपने वाहन पार्क कर देते हैं जिससे पहले से संकरे रास्ते और छोटे हो जाते हैं।
बुधवार को कैंची धाम में लगे लंबे जाम से छूटने के बाद यात्रियों को क्वारब बाईपास पर दोबारा रेंगना पड़ा। इसके बाद शाम के समय अल्मोड़ा नगर के भीतर एलआर साह रोड पर भी भारी जाम लग गया। इस वजह से न सिर्फ वाहन चालक बल्कि पैदल चलने वाले राहगीर भी वाहनों के बीच फंसने को मजबूर हो गए।
जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित, एंबुलेंस के लिए भी रास्ता नहीं
सामान की किल्लत : लगातार लग रहे जाम का असर अब आम जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। जाम में फंसने के कारण दूध, सब्जी, राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर आ रहे वाहन समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे स्थानीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत का खतरा मंडराने लगा है।
आपातकालीन सेवाएं प्रभावित : स्थानीय निवासियों ने चिंता जताते हुए कहा कि कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में जाम इस कदर बढ़ जाता है कि गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पाता। इससे मरीजों की जान पर बन आ रही है।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग -
कैंची धाम में जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। जाम में कई बार एंबुलेंस भी घंटों फंसी रह जाती है जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है। प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। - भरत पांडे, निवासी अल्मोड़ा
- नगर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहन जाम की मुख्य वजह हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी गाड़ियां कहीं भी खड़ी कर देते हैं। जब तक निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े करने का नियम सख्ती से लागू नहीं होगा, तब तक इस समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। - विमला बोरा, निवासी अल्मोड़ा

स्वास्थ्य कर्मियों को ईसीजी मशीन से जांच और एप के बारे में जानकारी देते विशेषज्ञ। विज्ञप्ति- फोटो : 1

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