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Almora News: पांच दिन में एक बार पानी, 50 परिवार पेयजल संकट से परेशान
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मौलेखाल(अल्मोड़ा)। सल्ट क्षेत्र के शशिखाल और तहसील चौक में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि करीब 50 से अधिक परिवारों को पांच दिन में केवल एक बार पानी मिल रहा है। मानसून के दौरान भी पेयजल की समस्या बरकरार रहने से स्थानीय लोगों में जल संस्थान के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जल संस्थान की गुलार पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति तो होती है, लेकिन इतनी कम मात्रा में कि वह दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। लोगों को घरेलू कार्यों के लिए पानी का इंतजार करना पड़ता है और कई बार दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर होना पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही है।
कई बार क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठकों में भी इस मुद्दे को उठाया गया, लेकिन अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए। धरातल पर आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि मौलेखाल और आसपास के कई क्षेत्रों में प्रतिदिन नियमित जलापूर्ति हो रही है, जबकि तहसीलचौक से शशिखाल तक के लोग अब भी पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं। इससे लोगों में भेदभावपूर्ण व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। लोगों ने प्रशासन और जल संस्थान से जल्द प्रभावी कदम उठाकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
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कोट
बार बार बिजली जाने से सही से पंपिंग नहीं हो पा रही है। इस वजह से पानी की किल्लत चल रही है। हमारी तरफ से जितना पानी उपलब्ध है उतना देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
समीर प्रताप सिंह, ईई, जल निगम
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ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जल संस्थान की गुलार पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति तो होती है, लेकिन इतनी कम मात्रा में कि वह दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। लोगों को घरेलू कार्यों के लिए पानी का इंतजार करना पड़ता है और कई बार दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर होना पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही है।
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कई बार क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठकों में भी इस मुद्दे को उठाया गया, लेकिन अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए। धरातल पर आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि मौलेखाल और आसपास के कई क्षेत्रों में प्रतिदिन नियमित जलापूर्ति हो रही है, जबकि तहसीलचौक से शशिखाल तक के लोग अब भी पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं। इससे लोगों में भेदभावपूर्ण व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। लोगों ने प्रशासन और जल संस्थान से जल्द प्रभावी कदम उठाकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
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कोट
बार बार बिजली जाने से सही से पंपिंग नहीं हो पा रही है। इस वजह से पानी की किल्लत चल रही है। हमारी तरफ से जितना पानी उपलब्ध है उतना देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
समीर प्रताप सिंह, ईई, जल निगम