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Bageshwar News: शहीद बलवंत सिंह की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि, हर आंख हुई नम

Fri, 10 Jul 2026 12:45 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Fri, 10 Jul 2026 12:45 AM IST
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Martyr Balwant Singh cremated with military honours, every eye moistened
हल्द्वानी। मणिपुर के उखरूल जिले में शहीद हुए 40 असम राइफल्स के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार तड़के करीब 5:20 बजे लालकुआं क्षेत्र के मोतीनगर जगदंबा काॅलोनी गली नंबर-छह स्थित घर पर लाया गया। फोर्स का तीन सदस्यीय दल एंबुलेंस से पार्थिव शरीर लेकर पहुंचा। घर पर पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजन उससे लिपट कर बिलख कर रोने लगे, यह देख वहां हर किसी की आंख नम हो गई। बाद में घर से शुरू हुई शहीद की अंतिम यात्रा में रानीबाग तक जब तक सूरज चांद रहेगा, बलवंत तेरा नाम रहेगा जैसे नारे गूंजते रहे।
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शहीद की अंतिम यात्रा सुबह 8:15 बजे मोतीनगर स्थित घर से प्रारंभ हुई। सबसे आगे सेना के वाहन में शहीद का पार्थिव शरीर था और उसके पीछे प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन। साथ में कई लोग बाइकों पर सवार थे। बारिश के बीच अंतिम यात्रा गौलापार बाईपास से नरीमन तिराहा होते हुए रानीबाग पहुंची। चित्रशिाला घाट पर जवानों ने शहीद को हवाई फायरिंग कर सलामी दी गई। साथ ही उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए गए। सुबह 10:19 बजे उनके इकलौते पुत्र रोहन खेतवाल ने मुखाग्नि दी। साथ में शहीद के भाई और अन्य परिजन शामिल रहे। अंतिम विदाई के दौरान घाट पर एडीएम विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, एसडीएम रेखा कोहली व मोनिका समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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बागेश्वर से लेकर हल्द्वानी तक के लोग अंतिम यात्रा में हुए शामिल
शहीद बलवंत सिंह वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे। बतौर सिपाही फोर्स में सेवा शुरू करने वाले बलवंत बेहद सरल स्वभाव के थे। मूल रूप से बागेश्वर जिले के रहने वाले बलवंत के माता-पिता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है। छह भाइयों में सबसे छोटे बलवंत ने नौकरी के साथ ही करीब 10 साल पहले मोतीनगर में मकान बनाया। परिवार में पत्नी संगीता खेतावाल, दो पुत्री और एक पुत्र हैं। करीब चार साल पहले बड़ी बेटी का विवाह कर दिया। छोटी बेटी देहरादून के कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है जबकि बेटा बड़ी बहन के साथ अंबाला में रहकर आर्मी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। उनकी अंतिम यात्रा में बागेश्वर से लेकर हल्द्वानी तक के लोग शामिल हुए। हर कोई उनके सरल स्वभाव की चर्चा करता रहा।
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शहीद खेतवाल का जल्द होना था प्रमोशन
मणिपुर से शहीद वारंट अधिकारी बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर लेकर असम राइफल्स के नायब सूबेदार दर्शन सिंह नेगी, हवलदार खुशाल पांडा ओर केएस राणा आए थे। चित्रशिाला घाट पर बातचीत में सैन्य अधिकारियों ने घटना के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि बीती छह जुलाई को फोर्स की कॉनवाई स्टोर से सामान लेकर लौट रही थी कि नंगशोंग गांव के पास जंगल क्षेत्र में घात लगाए बैठे 15 से 20 उग्रवादियों ने हमला कर दिया। हमले के दौरान तीन वाहन एकसाथ चल रहे थे। सबसे आगे वाले वाहन में वारंट अधिकारी बलवंत खेतवाल और चालक मौजूद थे। उग्रवादियों ने पहले आईईडी ब्लॉस्ट किया और फिर एलएमजी से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया कि क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण है। उनके साथी सैन्य कर्मियों ने बताया कि शहीद बलवंत खेतवाल का जल्द प्रमोशन भी होना था।
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