Uttarakhand: दो नामी ब्रांड्स के सैंपल फेल...3.60 लाख का जुर्माना, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को सख्त चेतावनी
खाद्य कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। बागेश्वर जिले में अधोमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री करने के मामले में डीएम ने दो अलग-अलग मामलों में कुल 3.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिले में अधोमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री करने के मामले में न्यायालय न्याय निर्णायक अधिकारी/डीएम ने दो अलग-अलग मामलों में कुल 3.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
पहले मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से लिए गए 9 एएम टोमेटा केचप के सैंपल की लैब रिपोर्ट में पल्प की मात्रा मानकों से कम पाई गई। इस पर अदालत ने संबंधित सॉस निर्माता कंपनी पर तीन लाख रुपये और डिस्ट्रीब्यूटर पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
दूसरे मामले में अमूल मोती दूध का सैंपल जांच में फेल हो गया। लैब विश्लेषण में दूध के भीतर सॉलिड नोट फैट की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई। अदालत ने दूध निर्माता पर 20 हजार रुपये और विक्रेता पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
गर्मियों में फूड पॉइजनिंग का खतरा, नियमों का उल्लंघन किया तो खैर नहीं
डीएम अपूर्वा पांडेय ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि गर्मियों के मौसम में फूड पॉइजनिंग और दूषित खान-पान का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं व पर्यटकों को केवल मानकों के अनुरूप एवं उच्च गुणवत्ता वाला भोजन ही परोसें। सभी खाद्य व्यवसायियों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। भविष्य में किसी भी सैंपल की लैब रिपोर्ट में मिलावट या अनियमितता पाई गई तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।