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शैक्षणिक संस्थानों के पास नशा बिका तो होगी कार्रवाई : डीएम
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- हरिद्वार को नशा मुक्त बनाने के लिए डीएम ने की समीक्षा बैठक
- अवैध बिक्री और तस्करी रोकने के सख्त निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। जिले को नशा मुक्त बनाने और नशा मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई। इसमें हरिद्वार में नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के बारे में जिलाधिकारी ने पूछा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान के आसपास नशा बिकता मिलेगा तो इसके जिम्मेदार सीधे कार्रवाई की जद में होंगे। उन्होंने नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर, इसके स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और बिक्री के स्थानों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जाए। पुलिस और संबंधित विभाग को नियमित अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटका, तंबाकू और किसी भी प्रकार के नशे से संबंधित पदार्थ की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इन क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करेंगे और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, सचिव जिला विधिक प्राधिकरण सिमरनजीत कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर नेहा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे और नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करें
जनपद में संचालित सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन दुकानों पर प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए। जनपद में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए आने वाले लोगों को बेहतर और मानवीय वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
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जनसहभागिता और हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की अपील
जिलाधिकारी ने जोर दिया कि नशे के खिलाफ अभियान की सफलता में जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण की जानकारी मिलती है, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचना दें। सूचना के आधार पर संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
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- अवैध बिक्री और तस्करी रोकने के सख्त निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। जिले को नशा मुक्त बनाने और नशा मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई। इसमें हरिद्वार में नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के बारे में जिलाधिकारी ने पूछा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान के आसपास नशा बिकता मिलेगा तो इसके जिम्मेदार सीधे कार्रवाई की जद में होंगे। उन्होंने नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर, इसके स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और बिक्री के स्थानों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जाए। पुलिस और संबंधित विभाग को नियमित अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटका, तंबाकू और किसी भी प्रकार के नशे से संबंधित पदार्थ की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इन क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करेंगे और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, सचिव जिला विधिक प्राधिकरण सिमरनजीत कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर नेहा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे और नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करें
जनपद में संचालित सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन दुकानों पर प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए। जनपद में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए आने वाले लोगों को बेहतर और मानवीय वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
जनसहभागिता और हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की अपील
जिलाधिकारी ने जोर दिया कि नशे के खिलाफ अभियान की सफलता में जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण की जानकारी मिलती है, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचना दें। सूचना के आधार पर संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।