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Kotdwar News: बेस अस्पताल में सुरक्षा के लिए बनी पुलिस पिकेट बनी शोपीस
Wed, 01 Jul 2026 04:11 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 01 Jul 2026 04:11 PM IST
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पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं, चिकित्सकों व स्टाफ में सुरक्षा को लेकर चिंता बरकरार
कोटद्वार। बेस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्य गेट पर बनाई गई पुलिस पिकेट पुलिस कर्मियों की तैनाती न होने के कारण महज शोपीस बनकर रह गई है। इमरजेंसी में पूर्व में हुए हंगामे और चिकित्सकों के साथ मारपीट की घटनाओं के बावजूद अस्पताल में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था अब तक लागू नहीं हो सकी है। चिकित्सक और कर्मचारी लंबे समय से अस्पताल में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं लेकिन पुलिस पिकेट में तैनाती का मामला फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।
पदमपुर सुखरो निवासी अधिवक्ता बीएम गौड़ का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व में तैनात रही क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल को पत्र भेजा था। कार्रवाई न होने पर उन्होंने इस साल फरवरी माह में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि नवंबर 2025 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी द्वारा भेजे गए पत्र और 20 जून 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में परस्पर विरोधाभासी बातें कही गई हैं।
उन्होंने बताया कि सीएमओ के पत्र से बेस अस्पताल में पुलिस चौकी खोलने के लिए सहमति बनने के संकेत मिलते हैं जबकि एएसपी के पत्र में पुलिस चौकी खोलने के निर्धारित मानकों का उल्लेख करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से अस्पताल में चौकी की आवश्यकता नहीं बताई गई है। इससे पुलिस पिकेट में तैनाती और चौकी स्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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अस्पताल परिसर में पुलिस पिकेट बनने के बाद पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया था लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से कर्मियों की कमी का हवाला देकर कर्मियों की तैनाती से हाथ खड़े कर दिए गए हैं जिससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। पीआरडी जवानों की तैनाती को लेकर भी अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
-डॉ. विजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल कोटद्वार
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कोटद्वार। बेस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्य गेट पर बनाई गई पुलिस पिकेट पुलिस कर्मियों की तैनाती न होने के कारण महज शोपीस बनकर रह गई है। इमरजेंसी में पूर्व में हुए हंगामे और चिकित्सकों के साथ मारपीट की घटनाओं के बावजूद अस्पताल में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था अब तक लागू नहीं हो सकी है। चिकित्सक और कर्मचारी लंबे समय से अस्पताल में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं लेकिन पुलिस पिकेट में तैनाती का मामला फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।
पदमपुर सुखरो निवासी अधिवक्ता बीएम गौड़ का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व में तैनात रही क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल को पत्र भेजा था। कार्रवाई न होने पर उन्होंने इस साल फरवरी माह में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि नवंबर 2025 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी द्वारा भेजे गए पत्र और 20 जून 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में परस्पर विरोधाभासी बातें कही गई हैं।
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उन्होंने बताया कि सीएमओ के पत्र से बेस अस्पताल में पुलिस चौकी खोलने के लिए सहमति बनने के संकेत मिलते हैं जबकि एएसपी के पत्र में पुलिस चौकी खोलने के निर्धारित मानकों का उल्लेख करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से अस्पताल में चौकी की आवश्यकता नहीं बताई गई है। इससे पुलिस पिकेट में तैनाती और चौकी स्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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अस्पताल परिसर में पुलिस पिकेट बनने के बाद पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया था लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से कर्मियों की कमी का हवाला देकर कर्मियों की तैनाती से हाथ खड़े कर दिए गए हैं जिससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। पीआरडी जवानों की तैनाती को लेकर भी अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
-डॉ. विजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल कोटद्वार