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Kotdwar News: वीबीजीरामजी योजना के विरोध में उतरे प्रधान
Fri, 07 Aug 2026 03:48 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 07 Aug 2026 03:48 PM IST
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ब्लॉक प्रमुख ने दिया समाधान का भरोसा
कोटद्वार। केंद्र सरकार की ओर से लागू की जा रही संशोधित वीबीजीरामजी योजना और पंचायतीराज व्यवस्था में बढ़ते प्रशासनिक हस्तक्षेप के विरोध में रिखणीखाल प्रधान संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। ब्लॉक मुख्यालय में आयोजित संगठन की बैठक में प्रधानों ने कहा कि नई व्यवस्थाओं से ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों में लगातार हस्तक्षेप बढ़ रहा है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक पूर्व में कराए गए मनरेगा कार्यों का सामग्री भुगतान और श्रमिकों की मजदूरी का निस्तारण नहीं हो जाता तब तक कम से कम एक माह तक वीबीजीरामजी योजना के तहत कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
प्रधानों ने मांग की कि क्षेत्र पंचायत की बैठक का समय सुबह 11 के बजाय 10 बजे निर्धारित किया जाए। बैठकों में पंचायतों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हो और सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए। इसके अलावा संविदा कर्मियों के मानदेय के लिए पंचायत निधि (टाइड एवं अनटाइड फंड) से चार प्रतिशत कटौती बंद करने, सभी ग्राम पंचायतों को बुश कटर उपलब्ध कराने, विवेकाधीन निधि का बजट बढ़ाने और ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाने की मांग की।
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बैठक के बाद प्रधान संगठन ने मांगों से संबंधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी रिखणीखाल को सौंपा। इसके बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत से भी मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। बैठक में ठाकुर सिंह, सत्यपाल सिंह, रेखा देवी, शांति देवी, सुनीता देवी, संगीता, रणबीर, कुलदीप, पूजा गुसाईं, प्रियंका ने विचार रखे। प्रधान संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष अरुणा रानी रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में करीब 39 ग्राम पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।
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कोटद्वार। केंद्र सरकार की ओर से लागू की जा रही संशोधित वीबीजीरामजी योजना और पंचायतीराज व्यवस्था में बढ़ते प्रशासनिक हस्तक्षेप के विरोध में रिखणीखाल प्रधान संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। ब्लॉक मुख्यालय में आयोजित संगठन की बैठक में प्रधानों ने कहा कि नई व्यवस्थाओं से ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों में लगातार हस्तक्षेप बढ़ रहा है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक पूर्व में कराए गए मनरेगा कार्यों का सामग्री भुगतान और श्रमिकों की मजदूरी का निस्तारण नहीं हो जाता तब तक कम से कम एक माह तक वीबीजीरामजी योजना के तहत कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
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प्रधानों ने मांग की कि क्षेत्र पंचायत की बैठक का समय सुबह 11 के बजाय 10 बजे निर्धारित किया जाए। बैठकों में पंचायतों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हो और सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए। इसके अलावा संविदा कर्मियों के मानदेय के लिए पंचायत निधि (टाइड एवं अनटाइड फंड) से चार प्रतिशत कटौती बंद करने, सभी ग्राम पंचायतों को बुश कटर उपलब्ध कराने, विवेकाधीन निधि का बजट बढ़ाने और ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाने की मांग की।
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बैठक के बाद प्रधान संगठन ने मांगों से संबंधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी रिखणीखाल को सौंपा। इसके बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत से भी मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। बैठक में ठाकुर सिंह, सत्यपाल सिंह, रेखा देवी, शांति देवी, सुनीता देवी, संगीता, रणबीर, कुलदीप, पूजा गुसाईं, प्रियंका ने विचार रखे। प्रधान संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष अरुणा रानी रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में करीब 39 ग्राम पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।