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Uk: हड़ताल की नदी में कूदेंगे पेयजल और जल संस्थान के इंजीनियर, गले भी सूखेंगे और विकास भी डूबेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Mon, 30 Mar 2026 10:39 AM IST
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सार
हल्द्वानी में इंजीनियरों की हड़ताल से पहले से धीमे विकास कार्य और प्रभावित हो गए हैं। एक अप्रैल से पेयजल विभाग के इंजीनियर भी हड़ताल में शामिल होंगे जिससे पानी की समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
इंजीनियरों की हड़ताल के चलतेचकलुवा में पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से होता पुल का निर्माण कार्य।
- फोटो : जागरुक पाठक
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विस्तार
हल्द्वानी शहर में पहले से धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों पर अब इंजीनियरों की हड़ताल का असर पड़ने लगा है। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर चल रही हड़ताल में एक अप्रैल से पेयजल और जल संस्थान के इंजीनियर भी कूद जाएंगे। इससे लोगों को पेयजल संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ेगा। 27 सूत्री मांगों के लिए लोनिवि, सिंचाई, लघु सिंचाई, उरेडा, आरडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, मंडी, नलकूप जैसे विभागों से जुड़े इंजीनियर 23 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसका असर जमरानी बांध निर्माण, सड़क, पुल के साथ ही विकास योजनाओं पर दिखाई देने लगा है। पहले से ही सुस्त गति से चल रहे इन कार्यों का निर्माण और धीमा हो गया है।
इन कामों पर पड़ा असर
जमरानी बांध की नहर के जीर्णोद्धार का कार्य कछुआ गति से चल रहा है। जनवरी में काठगोदाम काॅलटैक्स से सौरभ होटल तक नहर के जीर्णाेद्धार का काम शुरू किया गया था। अब तक मात्र 450 मीटर नहर पर काम हुआ है। इस नहर के पास बिजली के 120 पोल शिफ्ट होने हैं। पटरी की ओर रेलवे की भूमि पर पोल लगाने की अनुमति नहीं है। अतिक्रमण हटना शेष है।
पेयजल की 154 करोड़ की योजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्य में गति नहीं आ पाई है। पेयजल निगम को शीशमहल काठगोदाम में 26 और 12.5 एमलडी के दो फिल्टर प्लांट का निर्माण कराना है। इसके साथ ही शीतलाहाट में भी सात एमएलडी का प्लांट स्वीकृत है। शहर में 35 किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइन भी बिछनी है। चकलुवा के पास बन रहे तीन करोड़ की लागत वाले पुल का काम भी धीमा हो गया है। लोनिवि ने बरसात से पहले इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हल्द्वानी के पनियाली में करीब दो करोड़ की लागत से 1.80 किमी सड़क पर हॉटमिक्स किया जाना है। लोनिवि के ऐसे कई मार्ग हैं जिनका काम हड़ताल से प्रभावित हुआ है।
योजना से जुड़े कार्यों के लिए अन्य कार्यदायी संस्थाओं से समन्वय बनाया जा रहा है। पहले लाइन बिछाई जाएगी। बाद में फिल्टर प्लांट का काम होगा। -एके कटारिया, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम
नहरों से अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द प्रशासन की अध्यक्षता में बैठक बुलाई जाएगी। जहां जगह मिल रही है वहां काम चल रहा है। विद्युत पोल शिफ्टिंग की धनराशि यूपीसीएल को उपलब्ध करा दी है। - शहनवाज, परियोजना प्रबंधक, जमरानी बांध परियोजना
एई-जेई के हड़ताल पर होने से कई सड़कों पर काम शुरू नहीं किया जा सका है। पनियाली में 1.800 मीटर सड़क हाॅटमिक्स के लिए तैयार है। - प्रत्यूष कुमार, ईई लोनिवि
आवश्यक सेवा वाले विभागों में तैनात इंजीनियर एक अप्रैल से हड़ताल में हिस्सा लेंगे। इसके बाद पेयजल लाइनों के कार्य भी प्रभावित होंगे। - पुष्कर आर्या, जिलाध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ
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इन कामों पर पड़ा असर
जमरानी बांध की नहर के जीर्णोद्धार का कार्य कछुआ गति से चल रहा है। जनवरी में काठगोदाम काॅलटैक्स से सौरभ होटल तक नहर के जीर्णाेद्धार का काम शुरू किया गया था। अब तक मात्र 450 मीटर नहर पर काम हुआ है। इस नहर के पास बिजली के 120 पोल शिफ्ट होने हैं। पटरी की ओर रेलवे की भूमि पर पोल लगाने की अनुमति नहीं है। अतिक्रमण हटना शेष है।
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पेयजल की 154 करोड़ की योजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्य में गति नहीं आ पाई है। पेयजल निगम को शीशमहल काठगोदाम में 26 और 12.5 एमलडी के दो फिल्टर प्लांट का निर्माण कराना है। इसके साथ ही शीतलाहाट में भी सात एमएलडी का प्लांट स्वीकृत है। शहर में 35 किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइन भी बिछनी है। चकलुवा के पास बन रहे तीन करोड़ की लागत वाले पुल का काम भी धीमा हो गया है। लोनिवि ने बरसात से पहले इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हल्द्वानी के पनियाली में करीब दो करोड़ की लागत से 1.80 किमी सड़क पर हॉटमिक्स किया जाना है। लोनिवि के ऐसे कई मार्ग हैं जिनका काम हड़ताल से प्रभावित हुआ है।
योजना से जुड़े कार्यों के लिए अन्य कार्यदायी संस्थाओं से समन्वय बनाया जा रहा है। पहले लाइन बिछाई जाएगी। बाद में फिल्टर प्लांट का काम होगा। -एके कटारिया, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम
नहरों से अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द प्रशासन की अध्यक्षता में बैठक बुलाई जाएगी। जहां जगह मिल रही है वहां काम चल रहा है। विद्युत पोल शिफ्टिंग की धनराशि यूपीसीएल को उपलब्ध करा दी है। - शहनवाज, परियोजना प्रबंधक, जमरानी बांध परियोजना
एई-जेई के हड़ताल पर होने से कई सड़कों पर काम शुरू नहीं किया जा सका है। पनियाली में 1.800 मीटर सड़क हाॅटमिक्स के लिए तैयार है। - प्रत्यूष कुमार, ईई लोनिवि
आवश्यक सेवा वाले विभागों में तैनात इंजीनियर एक अप्रैल से हड़ताल में हिस्सा लेंगे। इसके बाद पेयजल लाइनों के कार्य भी प्रभावित होंगे। - पुष्कर आर्या, जिलाध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ