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Haldwani: एक दिन के नवजात की जटिल ब्रेन-स्पाइन सर्जरी सफल, सुशीला तिवारी अस्पताल की टीम ने बचाई जान

माई सिटी रिपोर्टर Published by: गायत्री जोशी Updated Mon, 23 Mar 2026 09:59 AM IST
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सार

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने साथ मिलकर एक दिन के बच्चे की सफल ब्रेन-स्पाइन सर्जरी की है। 

Sushila Tiwari Hospital successfully conducts complex brain-spine surgery on a day-old newborn in haldwani
एसटीएच में एक दिन के बच्चे की सफल सर्जरी के बाद न्यूरो सर्जन डॉ. अखिलेश और टीम। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. अखिलेश जोशी ने टीम के साथ मिलकर एक दिन के बच्चे की सफल ब्रेन-स्पाइन सर्जरी की है। मायलोमेनिंगोसेले डिफेक्ट में 24–72 घंटे के भीतर सर्जरी करने से शिशु के जीवित रहने और बेहतर रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। एक दिन के बच्चे की कुमाऊं में खासकर सुशीला तिवारी अस्पताल में यह पहली बड़ी सर्जरी है।

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डॉ. अखिलेश ने बताया कि यह चुनौतीपूर्ण सर्जरी ढाई घंटे चली और जन्म के 24 घंटे के भीतर आपात स्थिति में की गई। डॉ. जोशी ने बताया इस तरह के मामले एक हजार बच्चों में किसी एक का होता है। यह गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली फॉलिक एसिड की कमी से होता है। मायलोमेनिंगोसेले में रीढ़ की हड्डी और नसें भ्रूण की रीढ़ के खुले हिस्से से बाहर निकलकर पीठ पर एक थैली बना लेती हैं जिससे नसें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यह आमतौर पर गर्भावस्था के पहले 4 हफ्तों में बनता है। अगर समय पर सर्जरी न हो तो बचने की गुंजाइश नहीं रहती है।

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नन्हीं जान को बचाने रात में जुटी एसटीएच की टीम
डॉ. जोशी ने बताया कि सर्जरी रात के समय आपात स्थिति में की गई। न्यूरो विभाग के अलावा अन्य विभागों से भी टीम ने सहयोग लिया। एनेस्थीसिया टीम से डॉ. एक सिन्हा, डॉ. राहुल सक्सेना, डॉ. गौरव शर्मा, डाॅ. मोनिका ने सहयोग दिया। बाल रोग विभाग की केयर टीम से डॉ. गुरप्रीत सिंह, डॉ. रश्मि राणा ने नवजात की निगरानी और स्थिरता में सहयोग दिया। स्टॉफ से पंकज का विशेष सहयोग रहा। डॉ. अखिलेश ने बताया कि यह उपलब्धि न केवल सुशीला तिवारी अस्पताल बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए नई उम्मीद और चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का प्रतीक है।


हल्द्वानी में एक ही न्यूरोसर्जन पर मरीजों का दारोमदार
हल्द्वानी के सरकारी अस्पतालों में एक ही न्यूरो सर्जन है। यहां सुशीला तिवारी अस्पताल में पहले दो न्यूरो सर्जन तैनात थे। एक ने पांच महीने पहले छोड़ दिया था जबकि दूसरे सर्जन ने भी इस्तीफा दे दिया है और वह नोटिस पीरियड में चल रहे हैं। अभी हाल में न्यूरो सर्जन डॉ. अखिलेश ने यहां नियुक्ति ली है। प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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