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Pauri News: लकड़ियों में जीवंत आकृति उकेर रहे हैं पौड़ी के जसपाल
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 22 Mar 2026 04:14 PM IST
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पौड़ी। पहाड़ की शांत वादियों में आज भी कई ऐसे गुमनाम हुनरमंद हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी कला को जीवित रखे हुए हैं। बिना पर्याप्त सरकारी सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों के ये कलाकार लकड़ी में किसी भी जीवंत आकृति को बनाने का दम रखते हैं।
ऐसा ही एक नाम हैं शिल्पकार जसपाल रमोला का जो लकड़ियों पर बारीकी से आकर्षक आकृतियां उकेर रहे है। मुख्यालय के पौड़ी गांव निवासी शिल्पकार जसपाल बताते हैं कि उनका यह सफर आज का नहीं, बल्कि करीब तीन दशक पुराना है। वर्ष 1993 में उन्होंने पहली बार एक प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था। बचपन से ही लकड़ी को आकार देने का शौक उनके मन में थ, जो समय के साथ जुनून में बदल गया। आज भी वह अपने इस हुनर को निखारने में जुटे हुए हैं। हालांकि इस जुनून के साथ संघर्ष भी लगातार बना हुआ है। बताया कि शिल्पकारों को न तो पर्याप्त सरकारी सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। इससे इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस पहल करे तो पहाड़ की यह पारंपरिक कला न केवल संरक्षित हो सकती है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकती है।
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