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Pithoragarh News: ट्यूशन जा रही 10वीं की छात्रा पर झपटे कुत्ते, संयोग से बची जान
Sat, 08 Aug 2026 10:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:47 PM IST
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पिथौरागढ़। लावारिस कुत्ते बड़ी मुसीबत बन गए हैं। इनका आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब बच्चों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। ताजा मामला नगर के धनौड़ा वार्ड का है, जहां शुक्रवार शाम ट्यूशन पढ़ने जा रही 10वीं की एक छात्रा पर लावारिस कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। गनीमत रही कि मौके पर पहुंचे राहगीरों ने सूझबूझ दिखाते हुए कुत्तों को भगा दिया और बड़ा हादसा टल गया।
धनौड़ा वार्ड निवासी कुंदन नेगी की 10वीं में पढ़ने वाली बेटी भूमिका नेगी शनिवार सुबह घर से ट्यूशन के लिए निकली थी। रास्ते में अकेला पाकर चार से अधिक लावारिस कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। घबराई छात्रा जब शोर मचाते हुए भागी तो कुत्ते पीछे दौड़ पड़े। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने डंडे लेकर कुत्तों को खदेड़ा और छात्रा की जान बचाई।
इस भयावह घटना के बाद से डरी-सहमी छात्रा ने अकेले ट्यूशन जाने से इनकार कर दिया है। पिता कुंदन नेगी का कहना है कि अब उन्हें अपनी बेटी को खुद छोड़ने और लाने जाना पड़ रहा है।
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नगर की हर गली और सड़क पर लावारिस कुत्तों का झुंड आम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। आए दिन हमलों की इन घटनाओं के चलते जिला अस्पताल में रोजाना आठ से 10 लोग कुत्ते के काटने से घायल होकर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
रई क्षेत्र के शंकर भट्ट, रमेश चंद्र, गंगा आदि ने कहा कि लावारिस कुत्तों के डर से बच्चों का अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इनसे निजात दिलाने के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं जो हवाई हैं।
बधियाकरण में 75 लाख से अधिक खर्च फिर भी नहीं रुक रही आबादी
लावारिस कुत्तों के हमले और इनकी बढ़ती आबादी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। नगर निगम ने बीते पांच साल में लावारिस कुत्तों की आबादी रोकने के दावे कर बधियाकरण के नाम पर 75 लाख रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इसके बाद भी इनकी आबादी कम होने के बजाय बढ़ रही है। आबादी बढ़ने से इनके लिए भोजन का संकट पैदा हो गया है और ये राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। नगर निगम भी इनसे निजात दिलाने के उपाय न कर किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।
नैनीसैनी में लावारिस कुत्तों ने मार डाला था चार साल के मासूम को
वर्ष 2016 में नैनीसैनी क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने एक चार साल के बच्चे को मौत के घाट उतारने की दर्दनाक घटना को अंजाम दिया था। लावारिस कुत्तों का झुंड रास्ते पर चल रहे मासूम पर झपट पड़ा था। कुछ ही देर में लावारिस कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोचते हुए मौत के घाट उतार दिया।
धारचूला के जुम्मा में रेबीज से दो किशोरों की हो चुकी है मौत
धारचूला के जुम्मा में बीते दिनों रेबीज से दो किशोरों को काल के गाल में समाना पड़ा। करीब छह महीने पहले जुम्मा के बुंगा और टीलम तोक में एक लावारिस कुत्ते ने कई लोगों को काट दिया था। बीते 23 मई को कुत्ते ने जिस किशोर को काटा उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिला अस्पताल पहुंचाने पर उसके रेबीज से ग्रसित होने की पुष्टि हुई और दूसरे ही दिन उसकी मौत हो गई। इस घटना के ठीक 20 दिन बाद 14 वर्षीय दूसरे किशोर की तबीयत बिगड़ गई। उसे भी जिला अस्पताल लाया गया लेकिन वह नहीं बच सका। दो युवकों की रेबीज से मौत के बाद अब भी ग्रामीणों की चिंता कम नहीं हुई है।
.................
समय-समय पर लावारिस कुत्तों के बधियाकरण के लिए अभियान चलता है। फिर से अभियान चलाने के लिए योजना तैयार की जा रही है। लगातार अभियान चलाने के बाद ही लावारिस कुत्तों की आबादी पर रोक लगती है। इन अभियानों के परिणाम सार्थक होंगे।
-राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़
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धनौड़ा वार्ड निवासी कुंदन नेगी की 10वीं में पढ़ने वाली बेटी भूमिका नेगी शनिवार सुबह घर से ट्यूशन के लिए निकली थी। रास्ते में अकेला पाकर चार से अधिक लावारिस कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। घबराई छात्रा जब शोर मचाते हुए भागी तो कुत्ते पीछे दौड़ पड़े। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने डंडे लेकर कुत्तों को खदेड़ा और छात्रा की जान बचाई।
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इस भयावह घटना के बाद से डरी-सहमी छात्रा ने अकेले ट्यूशन जाने से इनकार कर दिया है। पिता कुंदन नेगी का कहना है कि अब उन्हें अपनी बेटी को खुद छोड़ने और लाने जाना पड़ रहा है।
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नगर की हर गली और सड़क पर लावारिस कुत्तों का झुंड आम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। आए दिन हमलों की इन घटनाओं के चलते जिला अस्पताल में रोजाना आठ से 10 लोग कुत्ते के काटने से घायल होकर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
रई क्षेत्र के शंकर भट्ट, रमेश चंद्र, गंगा आदि ने कहा कि लावारिस कुत्तों के डर से बच्चों का अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इनसे निजात दिलाने के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं जो हवाई हैं।
बधियाकरण में 75 लाख से अधिक खर्च फिर भी नहीं रुक रही आबादी
लावारिस कुत्तों के हमले और इनकी बढ़ती आबादी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। नगर निगम ने बीते पांच साल में लावारिस कुत्तों की आबादी रोकने के दावे कर बधियाकरण के नाम पर 75 लाख रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इसके बाद भी इनकी आबादी कम होने के बजाय बढ़ रही है। आबादी बढ़ने से इनके लिए भोजन का संकट पैदा हो गया है और ये राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। नगर निगम भी इनसे निजात दिलाने के उपाय न कर किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।
नैनीसैनी में लावारिस कुत्तों ने मार डाला था चार साल के मासूम को
वर्ष 2016 में नैनीसैनी क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने एक चार साल के बच्चे को मौत के घाट उतारने की दर्दनाक घटना को अंजाम दिया था। लावारिस कुत्तों का झुंड रास्ते पर चल रहे मासूम पर झपट पड़ा था। कुछ ही देर में लावारिस कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोचते हुए मौत के घाट उतार दिया।
धारचूला के जुम्मा में रेबीज से दो किशोरों की हो चुकी है मौत
धारचूला के जुम्मा में बीते दिनों रेबीज से दो किशोरों को काल के गाल में समाना पड़ा। करीब छह महीने पहले जुम्मा के बुंगा और टीलम तोक में एक लावारिस कुत्ते ने कई लोगों को काट दिया था। बीते 23 मई को कुत्ते ने जिस किशोर को काटा उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिला अस्पताल पहुंचाने पर उसके रेबीज से ग्रसित होने की पुष्टि हुई और दूसरे ही दिन उसकी मौत हो गई। इस घटना के ठीक 20 दिन बाद 14 वर्षीय दूसरे किशोर की तबीयत बिगड़ गई। उसे भी जिला अस्पताल लाया गया लेकिन वह नहीं बच सका। दो युवकों की रेबीज से मौत के बाद अब भी ग्रामीणों की चिंता कम नहीं हुई है।
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समय-समय पर लावारिस कुत्तों के बधियाकरण के लिए अभियान चलता है। फिर से अभियान चलाने के लिए योजना तैयार की जा रही है। लगातार अभियान चलाने के बाद ही लावारिस कुत्तों की आबादी पर रोक लगती है। इन अभियानों के परिणाम सार्थक होंगे।
-राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़