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शिवाजी का इतिहास पढ़ते तो देश की तस्वीर अलग होती : साध्वी प्राची
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:00 PM IST
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पिथौरागढ़ में विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करतीं साध्वी प्राची। संवाद
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पिथौरागढ़। नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में आरएसएस और हिंदू संगठनों के नेताओं ने जिलेभर से आए लोगों में जोश भरा। मुख्य अतिथि विहिप की वरिष्ठ नेता साध्वी डॉ. प्राची ने कहा कि हमें 70 वर्ष तक मूर्ख बनाया गया। गलत इतिहास पढ़ाया गया। छत्रपति शिवाजी का इतिहास पढ़ाया गया होता तो आज देश की तस्वीर अलग होती।
साध्वी प्राची ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष की यात्रा जिक्र करते हुए कहा कि यदि आरएसएस न होता तो आज देश सुरक्षित न होता। उन्होंने कहा कि आरएसएस वह संगठन है जिसकी राष्ट्रभक्ति की मिसाल पंडित नेहरू ने लाल किले की प्राचीर से दी थी। उन्होंने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वालों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की नीयत ठीक नहीं है।
साध्वी प्राची ने जातीयता की दीवारों को तोड़ने और धर्म बचाने के लिए सजग होने का आह्वान किया। उन्होंने अपरोक्ष रूप से कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धर्म निरपेक्षता के नाम पर लंबे समय तक यह छल किया जाता रहा है। आज 2010 का नहीं 2026 का भारत है। यह धोखा अब नहीं चलेगा। आरएसएस के सेवा कार्य और राष्ट्रीय हित के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि महाराज स्वरूपानंद और महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी आदि वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
सम्मेलन में आरएसएस के प्रांत प्रचारक, जिला प्रचारक ऋषभ, पंकज, पूर्व कुलपति एनएस भंडारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, विधायक बिशन सिंह चुफाल, दायित्वधारी गणेश भंडारी, मेयर कल्पना देवलाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह वल्दिया, विहिप नेता जगदीश पांडे, पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, राज्य आंदोलनकारी गोपू महर, रचना जोशी, महिमन कन्याल, गोलू पाठ, कैलाश जोशी समेत जिलेभर से आरएसएस और हिंदू संगठनों से जुड़े अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन दक्ष जोशी ने किया।
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अतिथियों को भेंट की तलवार
सम्मेलन में हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने मुख्य अतिथि साध्वी प्राची और अन्य वक्ताओं को तलवारें, सांस्कृतिक स्मृति चिह्न आदि भेंट कर उनका स्वागत किया। वक्ताओं के संबोधन से पूर्व विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आयोजन की शुरुआत की।
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साध्वी प्राची ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष की यात्रा जिक्र करते हुए कहा कि यदि आरएसएस न होता तो आज देश सुरक्षित न होता। उन्होंने कहा कि आरएसएस वह संगठन है जिसकी राष्ट्रभक्ति की मिसाल पंडित नेहरू ने लाल किले की प्राचीर से दी थी। उन्होंने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वालों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की नीयत ठीक नहीं है।
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साध्वी प्राची ने जातीयता की दीवारों को तोड़ने और धर्म बचाने के लिए सजग होने का आह्वान किया। उन्होंने अपरोक्ष रूप से कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धर्म निरपेक्षता के नाम पर लंबे समय तक यह छल किया जाता रहा है। आज 2010 का नहीं 2026 का भारत है। यह धोखा अब नहीं चलेगा। आरएसएस के सेवा कार्य और राष्ट्रीय हित के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि महाराज स्वरूपानंद और महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी आदि वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
सम्मेलन में आरएसएस के प्रांत प्रचारक, जिला प्रचारक ऋषभ, पंकज, पूर्व कुलपति एनएस भंडारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, विधायक बिशन सिंह चुफाल, दायित्वधारी गणेश भंडारी, मेयर कल्पना देवलाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह वल्दिया, विहिप नेता जगदीश पांडे, पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, राज्य आंदोलनकारी गोपू महर, रचना जोशी, महिमन कन्याल, गोलू पाठ, कैलाश जोशी समेत जिलेभर से आरएसएस और हिंदू संगठनों से जुड़े अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन दक्ष जोशी ने किया।
अतिथियों को भेंट की तलवार
सम्मेलन में हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने मुख्य अतिथि साध्वी प्राची और अन्य वक्ताओं को तलवारें, सांस्कृतिक स्मृति चिह्न आदि भेंट कर उनका स्वागत किया। वक्ताओं के संबोधन से पूर्व विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आयोजन की शुरुआत की।