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Pithoragarh News: निगम के फरमान से लोगों में रोष, पिथौरागढ़ डिपो असमंजस में

संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 19 Feb 2026 11:17 PM IST
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The corporation's decree has angered people, leaving Pithoragarh depot in a quandary.
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पिथौरागढ़। निगम निदेशालय के आदेश से पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो में भी असमंजस की स्थिति है। पिथौरागढ़ डिपो लिखकर यहां लाई गई नई रोडवेज बसों को लोहाघाट डिपो भेजने का फरमान जारी हुआ है। निगम के इस आदेश से लोगों ने रोष है। उन्होंने इसे सीमांत जिले के खिलाफ साजिश बताते हुए कहा है कि पिथौरागढ़ डिपो पहले से बसों की भारी कमी झेल रहा है। ऐसे में निगम का यह कदम गले नहीं उतरता। दिलचस्प यह भी है कि जिन दो बसों को लोहाघाट भेजा जा रहा है उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र डीडीहाट से देहरादून रूट पर संचालित किया जाना था। डीडीहाट से देहरादून के लिए लंबे समय से कोई सीधी बस सेवा नहीं है। जिले के धारचूला, थल, बेड़ीनाग और गंगोलीहाट आदि क्षेत्रों से भी देहरादून के लिए कोई सीधी सेवा नहीं है। जिले के कई अन्य हिस्से भी बस सेवा की बाट जोह रहे हैं।
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दूसरी ओर पिथौरागढ़ से देहरादून चलने वाली चार बसें लोहाघाट होते हुए जाती हैं। पिथौरागढ़-दिल्ली की 6 बसें वाया लोहाघाट होते हुए ही संचालित हैं। इसके बावजूद पिथौरागढ़ डिपो भेजी गई बसों को वापस लिया जाना लोगों को रास नहीं आ रहा है। लोग निगम की कवायद पर भी सवाल उठे रहे हैं कि यदि गाड़ियां लोहाघाट डिपो को जानी थीं तो उनमें पिथौरागढ़ डिपो लिखकर यहां क्यों भेज गया, जबकि कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के अन्य डिपो को भेजी गई गाड़ियों परवहीं के डिपो का नाम लिखा हुआ है। बहरहाल निगम के इस कदम को लोग राजनीतिक दबाव और पिथौरागढ़ विरोधी कदम के तौर पर देख रहे हैं।
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-----चर्चा यह भी है-----
लोगों के बीच चर्चा यह भी है कि लोहाघाट डिपो ने अपनी दो बसों को नेपाल के महेंद्रनगर से दिल्ली रूट पर संचालित किया है। ऐसे में पेश आ रही कमी को राजनीतिक दबाव में पिथौरागढ़ आई बसों को वापस मंगाकर पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

------लोग बोले-----
पिथौरागढ़ डिपो लिखकर यहां आई बसों को दूसरी जगह भेजा जाना एकदम अनुचित है। इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। पिथौरागढ़ जिले में पहले से ही बसों की काफी कमी बनी हुई है। - भगवान सिंह रावत, संयोजक जनमंच
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इस आपत्तिजनक कदम के खिलाफ लोगों को पुरजोर तरीके से आवाज उठानी चाहिए। निगम की कार्यप्रणाली की कमी को यहां की जनता झेलने के लिए विवश नहीं है। - सुनील वर्मा, व्यवसायी
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निगम के इस कदम में राजनीतिक साजिश की बू आती है। पहले ही बसों का अभाव झेल रहे जिले के लोगों के साथ यह अन्याय है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। - सुबोध बिष्ट, पूर्व सभासद
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मेरी निगम के अधिकारियों से बात हुई है। उन्होंने कहा कि हम कोई बस पिथौरागढ़ से वापस नहीं मंगा रहे हैं। - बिशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट
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