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Pithoragarh News: सिस्टम की आंखें बंद, कृपया देखकर चलें...
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:21 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय की सबसे व्यस्त जीआईसी रोड राहगीरों के लिए खतरे का सबब बनी हुई है। पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए सड़क तो खोद डाली लेकिन उनको गड्ढे भरने की जहमत नहीं उठाई गई। इनमें बारिश का पानी जमा होने से दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया है। रोजाना इसी मार्ग से गुजरने वाले प्रशासनिक अधिकारी भी आंखें मूंदे हुए हैं।
पिथाैरागढ़ नगर में कई स्थानों पर पेयजल लाइनें सड़कों के नीचे बिछी हैं और उपभोक्ताओं के संयोजन भी इन्हीं से जुड़े हैं। पाइपलाइन खराब होने पर मरम्मत के लिए सड़क खोद दी जाती है लेकिन बाद में गड्ढों को भरने में लापरवाही बरती जाती है। यही स्थिति जीआईसी रोड पर सामने आई है जहां मरम्मत के बाद बने गड्ढों में भरा पानी दुर्घटना का कारण बन रहा है।
जीआईसी रोड से महाविद्यालय को भी यही रास्ता जाता है। साथ ही इसी रोड से कई निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आवाजाही करते हैं। वाहनों के टायरों से गड्ढों में भरा पानी उछलकर सड़क किनारे चल रहे लोगों तक पहुंच रहा है। जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी हर रोज इसी रोड से गुजरते हैं। हैरानी है कि उन्हें भी वाहनों में बैठकर गड्ढे नजर नहीं आ रहे हैं।
स्थानीय निवासी नवीन चंद्र जोशी और पूरन चंद्र का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढों को शीघ्र भरा जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो ये गड्ढे किसी बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं।
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जनहित की आड़ लेकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क पर पेयजल संयोजन ठीक कराने के लिए गड्ढा खोदने के लिए विभागीय अनुमति लेनी होती है। इसके लिए धनराशि भी जमा कराई जाती है। जीआईसी रोड पर जो गड्ढे बने हैं उनके लिए जल संस्थान ने खोदाई की है। नोटिस जारी करने पर जल संस्थान जनहित के काम का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेता है।
लोनिवि के सहायक अभियंता दिनेश चंद्र जोशी ने कहा कि जीआईसी रोड पर पेयजल संयोजन ठीक कराने के लिए जल संस्थान ने खोदाई की है। शीघ्र ही गड्ढों को भरा जाएगा।
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पिथाैरागढ़ नगर में कई स्थानों पर पेयजल लाइनें सड़कों के नीचे बिछी हैं और उपभोक्ताओं के संयोजन भी इन्हीं से जुड़े हैं। पाइपलाइन खराब होने पर मरम्मत के लिए सड़क खोद दी जाती है लेकिन बाद में गड्ढों को भरने में लापरवाही बरती जाती है। यही स्थिति जीआईसी रोड पर सामने आई है जहां मरम्मत के बाद बने गड्ढों में भरा पानी दुर्घटना का कारण बन रहा है।
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जीआईसी रोड से महाविद्यालय को भी यही रास्ता जाता है। साथ ही इसी रोड से कई निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आवाजाही करते हैं। वाहनों के टायरों से गड्ढों में भरा पानी उछलकर सड़क किनारे चल रहे लोगों तक पहुंच रहा है। जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी हर रोज इसी रोड से गुजरते हैं। हैरानी है कि उन्हें भी वाहनों में बैठकर गड्ढे नजर नहीं आ रहे हैं।
स्थानीय निवासी नवीन चंद्र जोशी और पूरन चंद्र का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढों को शीघ्र भरा जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो ये गड्ढे किसी बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं।
जनहित की आड़ लेकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क पर पेयजल संयोजन ठीक कराने के लिए गड्ढा खोदने के लिए विभागीय अनुमति लेनी होती है। इसके लिए धनराशि भी जमा कराई जाती है। जीआईसी रोड पर जो गड्ढे बने हैं उनके लिए जल संस्थान ने खोदाई की है। नोटिस जारी करने पर जल संस्थान जनहित के काम का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेता है।
लोनिवि के सहायक अभियंता दिनेश चंद्र जोशी ने कहा कि जीआईसी रोड पर पेयजल संयोजन ठीक कराने के लिए जल संस्थान ने खोदाई की है। शीघ्र ही गड्ढों को भरा जाएगा।