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Rishikesh News: भूगोल भूला शासन, 217 किमी दूर दो ब्लॉकों की जिम्मेदारी एक अधिकारी पर
Fri, 07 Aug 2026 05:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:03 PM IST
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- थलीसैंण (पौड़ी) खंड शिक्षाधिकारी और डोईवाला (देहरादून) के खंड शिक्षाधिकारी का दायित्व एक अधिकारी को
- कार्यालय से ज्यादा सड़क पर रहेगा अधिकारी, शासन के आदेश पर उठी उंगलियां
राजीव खत्री
ऋषिकेश। उत्तराखंड शासन का एक आदेश इन दिनों शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। थलीसैंण के खंड शिक्षा अधिकारी को 217 किलोमीटर दूर डोईवाला का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों कार्यालयों में बैठने के निर्देश दिए गए हैं। कागजों पर संतुलित दिखने वाला यह आदेश जमीनी हकीकत में ऐसा नजर आता है जिसमें अधिकारी का समय कार्यालय से ज्यादा सड़कों पर बीतेगा। इससे स्पष्ट होता है कि शासन में बैठे अधिकारियों को राज्य की भौगोलिक स्थितियों का कितना ज्ञान है।
आदेश के अनुसार खंड शिक्षाधिकारी विवेक पंवार को सोमवार, मंगलवार और बुधवार को पौड़ी जनपद के थलीसैंण और बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार को देहरादून जनपद के डोईवाला कार्यालय में बैठना होगा। जबकि दोनों कार्यालयों के बीच करीब 217 किलोमीटर की दूरी है और एक तरफ का सफर भी करीब छह घंटे से अधिक का है। ऐसे में बृहस्पतिवार को डोईवाला पहुंचने के लिए उन्हें बुधवार को ही रवाना होना पड़ेगा और शनिवार को लौटना होगा या फिर रविवार की छुट्टी यात्रा में बितानी पड़ेगी। यानी सप्ताह में वह प्रभावी रूप से सिर्फ दो दिन थलीसैंण और दो दिन डोईवाला में ही सेवाएं दे पाएंगे जबकि दो दिन लंबी यात्रा में गुजरेंगे। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब अधिकारी का अधिक समय कार्यालय के बजाय सड़क पर बीतेगा। इतनी लंबी दूरी सप्ताह में दो बार तय करना केवल समय की बरबादी ही नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक थकान का कारण भी बनेगा। ऐसे में किसी भी अधिकारी से पूरी क्षमता के साथ काम लेने की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं माना जा सकता।
बीते चार माह से प्रभारियों के भरोसे खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय
बीते एक अप्रैल को डोईवाला के उपशिक्षाधिकारी और प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी धनवीर बिष्ट को विजिलेंस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। बिष्ट पर आरटीई के तहत एक विद्यालय के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद चकराता की उपशिक्षाधिकारी शिवानी कौशल को डोईवाला विकासखंड की जिम्मेदारी दी गई थी। चकराता और डोईवाला के बीच भी 150 किमी की दूरी है। अभी वर्तमान में शिवानी कौशल ही प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी डोईवाला की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं।
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- मीडिया के माध्यम से ऐसे किसी आदेश की जानकारी है, मेरे पास अभी ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। - शिवानी कौशल प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी डोईवाला।
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- कार्यालय से ज्यादा सड़क पर रहेगा अधिकारी, शासन के आदेश पर उठी उंगलियां
राजीव खत्री
ऋषिकेश। उत्तराखंड शासन का एक आदेश इन दिनों शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। थलीसैंण के खंड शिक्षा अधिकारी को 217 किलोमीटर दूर डोईवाला का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों कार्यालयों में बैठने के निर्देश दिए गए हैं। कागजों पर संतुलित दिखने वाला यह आदेश जमीनी हकीकत में ऐसा नजर आता है जिसमें अधिकारी का समय कार्यालय से ज्यादा सड़कों पर बीतेगा। इससे स्पष्ट होता है कि शासन में बैठे अधिकारियों को राज्य की भौगोलिक स्थितियों का कितना ज्ञान है।
आदेश के अनुसार खंड शिक्षाधिकारी विवेक पंवार को सोमवार, मंगलवार और बुधवार को पौड़ी जनपद के थलीसैंण और बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार को देहरादून जनपद के डोईवाला कार्यालय में बैठना होगा। जबकि दोनों कार्यालयों के बीच करीब 217 किलोमीटर की दूरी है और एक तरफ का सफर भी करीब छह घंटे से अधिक का है। ऐसे में बृहस्पतिवार को डोईवाला पहुंचने के लिए उन्हें बुधवार को ही रवाना होना पड़ेगा और शनिवार को लौटना होगा या फिर रविवार की छुट्टी यात्रा में बितानी पड़ेगी। यानी सप्ताह में वह प्रभावी रूप से सिर्फ दो दिन थलीसैंण और दो दिन डोईवाला में ही सेवाएं दे पाएंगे जबकि दो दिन लंबी यात्रा में गुजरेंगे। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब अधिकारी का अधिक समय कार्यालय के बजाय सड़क पर बीतेगा। इतनी लंबी दूरी सप्ताह में दो बार तय करना केवल समय की बरबादी ही नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक थकान का कारण भी बनेगा। ऐसे में किसी भी अधिकारी से पूरी क्षमता के साथ काम लेने की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं माना जा सकता।
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बीते चार माह से प्रभारियों के भरोसे खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय
बीते एक अप्रैल को डोईवाला के उपशिक्षाधिकारी और प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी धनवीर बिष्ट को विजिलेंस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। बिष्ट पर आरटीई के तहत एक विद्यालय के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद चकराता की उपशिक्षाधिकारी शिवानी कौशल को डोईवाला विकासखंड की जिम्मेदारी दी गई थी। चकराता और डोईवाला के बीच भी 150 किमी की दूरी है। अभी वर्तमान में शिवानी कौशल ही प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी डोईवाला की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं।
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- मीडिया के माध्यम से ऐसे किसी आदेश की जानकारी है, मेरे पास अभी ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। - शिवानी कौशल प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी डोईवाला।