{"_id":"6a75c86873bf069c2d03a5c6","slug":"youth-embark-on-the-path-of-startups-through-devbhoomi-entrepreneurship-scheme-rishikesh-news-c-38-1-sdrn1040-144773-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: देवभूमि उद्यमिता योजना से स्टार्टअप की राह पर बढ़े युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: देवभूमि उद्यमिता योजना से स्टार्टअप की राह पर बढ़े युवा
Fri, 07 Aug 2026 05:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-श्रीदेव सुमन विवि में तीन दिवसीय ओरिएंटेशन संपन्न
-अब मेंटरशिप और सीड फंडिंग का मिलेगा अवसर
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर में आयोजित देवभूमि उद्यमिता योजना का तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन 72 विद्यार्थियों ने स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता की बारीकियां सीखीं जबकि तीन दिनों में करीब 350 विद्यार्थियों ने इसमें भागीदारी की।
शुक्रवार को समापन अवसर पर योजना की नोडल अधिकारी प्रो. अनीता तोमर ने विद्यार्थियों से स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए स्टार्टअप विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाना है। जिला समन्वयक सपना नेगी ने मेंटरशिप, आवासीय बूट कैंप, बिजनेस प्लान, विशेषज्ञ परामर्श और सीड फंडिंगकी जानकारी दी। वहीं, युवा उद्यमियों मान्या राजपाल, मुस्कान रस्तोगी और रोविन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योजना से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उनके स्टार्टअप को नई दिशा दी।
विज्ञापन
-अब मेंटरशिप और सीड फंडिंग का मिलेगा अवसर
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर में आयोजित देवभूमि उद्यमिता योजना का तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन 72 विद्यार्थियों ने स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता की बारीकियां सीखीं जबकि तीन दिनों में करीब 350 विद्यार्थियों ने इसमें भागीदारी की।
शुक्रवार को समापन अवसर पर योजना की नोडल अधिकारी प्रो. अनीता तोमर ने विद्यार्थियों से स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए स्टार्टअप विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाना है। जिला समन्वयक सपना नेगी ने मेंटरशिप, आवासीय बूट कैंप, बिजनेस प्लान, विशेषज्ञ परामर्श और सीड फंडिंगकी जानकारी दी। वहीं, युवा उद्यमियों मान्या राजपाल, मुस्कान रस्तोगी और रोविन ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योजना से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उनके स्टार्टअप को नई दिशा दी।
विज्ञापन