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Rishikesh News: सीएमडी ने सुरंगों व प्रस्तावित स्टेशनों का निरीक्षण किया
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:42 AM IST
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निर्माणाधीन सुरंगों का निरीक्षण करते आरवीएनएल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक सलीम अहमद: आरवीएनएल
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आरवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने परियोजना में निर्मित सुरंगों और प्रस्तावित स्टेशनों का निरीक्षण किया। कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफर मात्र ढाई घंटे में पूर्ण होगा। यह परियोजना भविष्य की पर्वतीय रेलवे परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित करेगी।
आरवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन मंगलवार को सुरंगों व स्टेशन निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। प्रबंध निदेशक अहमद ने कहा कि सुरंगों पर आधारित यह रेलवे लाइन परियोजना देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होने के साथ ही हिमालयी क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी जीवनरेखा है।
यह परियोजना भविष्य की पर्वतीय रेलवे परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित करेगी। यह परियोजना गढ़वाल हिमालय क्षेत्र को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं हर मौसम में रेल संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, जिससे बार-बार भूस्खलन एवं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कमजोर सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी।
कहा कि शिवपुरी और ब्यासी स्टेशन का निर्माण कार्य बीते वर्ष दिसंबर माह से शुरू हो चुका है। शेष देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धार देवी, तिलानी, घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य मई से शुरू होगा।
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विद्युत एवं सिग्नलिंग कार्य अक्तूबर से
परियोजना में सुरंगों का खोदाई कार्य 98 फीसदी पूर्ण हो गया है। परियोजना में कुल 19 पुल हैं जिनमें से 8 पुलों का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो गया है। ब्यासी व शिवपुरी स्टेशनों का निर्माण कार्य बीते वर्ष दिसंबर माह में शुरू कर दिया गया है। शेष का निर्माण कार्य मई माह से शुरू होगा। ट्रैक बिछाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सर्वे कार्य चल रहा है। जल्द ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वही अक्तूबर माह से ट्रैक पर विद्युत एवं सिग्नलिंग का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
आरवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन मंगलवार को सुरंगों व स्टेशन निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। प्रबंध निदेशक अहमद ने कहा कि सुरंगों पर आधारित यह रेलवे लाइन परियोजना देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होने के साथ ही हिमालयी क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी जीवनरेखा है।
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यह परियोजना भविष्य की पर्वतीय रेलवे परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित करेगी। यह परियोजना गढ़वाल हिमालय क्षेत्र को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं हर मौसम में रेल संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, जिससे बार-बार भूस्खलन एवं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कमजोर सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी।
कहा कि शिवपुरी और ब्यासी स्टेशन का निर्माण कार्य बीते वर्ष दिसंबर माह से शुरू हो चुका है। शेष देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धार देवी, तिलानी, घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य मई से शुरू होगा।
विद्युत एवं सिग्नलिंग कार्य अक्तूबर से
परियोजना में सुरंगों का खोदाई कार्य 98 फीसदी पूर्ण हो गया है। परियोजना में कुल 19 पुल हैं जिनमें से 8 पुलों का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो गया है। ब्यासी व शिवपुरी स्टेशनों का निर्माण कार्य बीते वर्ष दिसंबर माह में शुरू कर दिया गया है। शेष का निर्माण कार्य मई माह से शुरू होगा। ट्रैक बिछाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सर्वे कार्य चल रहा है। जल्द ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वही अक्तूबर माह से ट्रैक पर विद्युत एवं सिग्नलिंग का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
