{"_id":"69ad812b5242148ea90b4f6e","slug":"farmers-in-khanpur-are-worried-about-the-closure-of-government-tube-wells-roorkee-news-c-37-1-sdrn1033-151880-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: खानपुर में बंद सरकारी ट्यूबवेलों से बढ़ी किसानों की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: खानपुर में बंद सरकारी ट्यूबवेलों से बढ़ी किसानों की चिंता
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री व सिंचाई मंत्री को भेजा पत्र, रीबोर कराकर दोबारा चालू कराने की उठाई मांग
खानपुर में बंद सरकारी ट्यूबवेलों से बढ़ी किसानों की चिंता
खानपुर। क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री को पत्र भेजकर बंद पड़ी सरकारी ट्यूबवेलों को रीबोर कराकर दोबारा चालू करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि ट्यूबवेल बंद होने से उन्हें महंगे डीजल से इंजन चलाकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है, इससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है।
क्षेत्र के किसान कर्म सिंह, कलम सिंह, इलम चंद्र शर्मा, मदन सिंह, संदीप कुमार और अरुण कुमार आदि ने पत्र में बताया कि पहले उनके खेतों तक सरकारी ट्यूबवेलों के कुलाबों के माध्यम से पानी पहुंचता था। पिछले कुछ समय से ये ट्यूबवेल बंद पड़े हैं किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें डीजल इंजन के जरिये सिंचाई करनी पड़ रही है। पहले से ही डीजल के दाम काफी अधिक हैं, ससे खेती पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि क्षेत्र में बंद पड़ी सरकारी ट्यूबवेलों की जल्द मरम्मत या रीबोर कराकर उन्हें दोबारा चालू कराया जाए।
Trending Videos
खानपुर में बंद सरकारी ट्यूबवेलों से बढ़ी किसानों की चिंता
खानपुर। क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री को पत्र भेजकर बंद पड़ी सरकारी ट्यूबवेलों को रीबोर कराकर दोबारा चालू करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि ट्यूबवेल बंद होने से उन्हें महंगे डीजल से इंजन चलाकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है, इससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है।
क्षेत्र के किसान कर्म सिंह, कलम सिंह, इलम चंद्र शर्मा, मदन सिंह, संदीप कुमार और अरुण कुमार आदि ने पत्र में बताया कि पहले उनके खेतों तक सरकारी ट्यूबवेलों के कुलाबों के माध्यम से पानी पहुंचता था। पिछले कुछ समय से ये ट्यूबवेल बंद पड़े हैं किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें डीजल इंजन के जरिये सिंचाई करनी पड़ रही है। पहले से ही डीजल के दाम काफी अधिक हैं, ससे खेती पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि क्षेत्र में बंद पड़ी सरकारी ट्यूबवेलों की जल्द मरम्मत या रीबोर कराकर उन्हें दोबारा चालू कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन