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Roorkee News: नारसन क्षेत्र में जंगली सुअरों का आतंक, किसान परेशान
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क्षेत्र के कई गांवों में जंगली सुअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ब्रहमपुर जट्ट, बुढ़पुर जट्ट, मोहम्मदपुर जट्ट, सकौती, नारसन कला, उल्हेड़ा और खेड़ाजट्ट गांव के जंगलों से निकलकर जंगली सुअर खेतों में घुस रहे हैं। इससे किसानों की गन्ना और चारे की फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
किसानों का कहना है कि रात के समय झुंड के रूप में आने वाले सुअर खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर नष्ट कर देते हैं जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बड़ी मेहनत और लागत से तैयार की गई फसलें कुछ ही घंटों में बर्बाद हो रही है। खेतों में गन्ना और हरे चारे की फसल अधिक होने के कारण जंगली सुअर लगातार इन्हें अपना निवाला बना रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार खेतों की रखवाली करने के बावजूद फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है।
वन विभाग को दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि जंगली सुअर अब केवल फसलों तक सीमित नहीं हैं बल्कि खेतों पर जाने वाले किसानों पर भी हमला कर रहे हैं। इससे किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। किसान प्रदीप, जितेंद्र, संदीप, दीपक, सोनू, सुमित, इस्लाम और भूरा आदि ने बताया कि शाम ढलते ही खेतों में जाना खतरे से खाली नहीं रह गया है। किसानों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही जंगली सुअरों को पकड़ने या उन्हें जंगलों तक सीमित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र के किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने फसलों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग भी उठाई है।
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किसानों का कहना है कि रात के समय झुंड के रूप में आने वाले सुअर खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर नष्ट कर देते हैं जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बड़ी मेहनत और लागत से तैयार की गई फसलें कुछ ही घंटों में बर्बाद हो रही है। खेतों में गन्ना और हरे चारे की फसल अधिक होने के कारण जंगली सुअर लगातार इन्हें अपना निवाला बना रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार खेतों की रखवाली करने के बावजूद फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है।
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वन विभाग को दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि जंगली सुअर अब केवल फसलों तक सीमित नहीं हैं बल्कि खेतों पर जाने वाले किसानों पर भी हमला कर रहे हैं। इससे किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। किसान प्रदीप, जितेंद्र, संदीप, दीपक, सोनू, सुमित, इस्लाम और भूरा आदि ने बताया कि शाम ढलते ही खेतों में जाना खतरे से खाली नहीं रह गया है। किसानों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही जंगली सुअरों को पकड़ने या उन्हें जंगलों तक सीमित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र के किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने फसलों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग भी उठाई है।