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Tehri News: कभी पंचायत घर, कभी खुले आसमान के नीचे लग रही कक्षाएं
Sun, 12 Jul 2026 05:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 12 Jul 2026 05:49 PM IST
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नए भवन के इंतजार में खैंणी प्राथमिक विद्यालय, जोखिम में बच्चों की पढ़ाई
खैंणी का जर्जर प्राथमिक स्कूल भवन हो चुका है निष्प्रयोज्य घोषित
नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक में मेड गांव का खैंणी प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होने के बाद क्लास कभी पंचायत घर, कभी खुले आसमान के नीचे तो कभी जर्जर भवन में चलाने की मजबूरी बनी है। वर्ष 2022 से नया स्कूल भवन बनाने का प्रस्ताव विभाग में धूल फांक रहा है लेकिन भवन निष्प्रयोज्य प्रमाणपत्र संलग्न करने के बाद भी विभाग स्कूल में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की सुध नहीं ले रहा है।
बूढ़ाकेदार क्षेत्र में मेड गांव का प्राथमिक स्कूल खैंणी चार-पांच साल से जीर्ण-र्शीर्ण स्थिति में है। अब भवन इतनी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है कि वहां स्कूल का संचालन करना बड़ा जोखिमभरा हो सकता है। खतरे को देखते हुए बरसात में स्कूल पास में स्थित पंचायत घर के एक कमरे में संचालित करना पड़ रहा है। वहां एक छोटे कमरे में कक्षा एक से पांच तक के 17 बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान पैदा होना स्वाभाविक है।
ऐसी स्थिति में बरसात में छात्र स्कूल जाने की औपचारिकता ही निभाते हैं। स्थिति यह है कि पंचायत घर में पानी और शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। बरसात रुकने के बाद कक्षाएं जर्जर भवन के आंगन में खुले आसमान के नीचे चलानी पड़ रही है। इस दौरान तेज धूप और बारिश होने पर बच्चों को उस जर्जर भवन के एक कमरे में ही बैठाने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता है। प्रभारी प्रधानाध्यापक चतर सिंह राणा ने कहा कि स्कूल भवन जर्जर होने के बाद किसी तरह व्यवस्था बनाई जा रही है। 2025 में भवन निष्प्रयोज्य प्रमाणपत्र भी विभाग को प्रेषित कर दिया गया था।
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खैंणी प्राथमिक स्कूल भवन बनाने के लिए 40.54 लाख का इस्टीमेट बनाकर निदेशालय को जून 2026 में भेज दिया गया है। नया भवन बनने तक स्कूल संचालन की बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- पूनम चौहान, डीईओ बेसिक टिहरी।
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खैंणी का जर्जर प्राथमिक स्कूल भवन हो चुका है निष्प्रयोज्य घोषित
नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक में मेड गांव का खैंणी प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होने के बाद क्लास कभी पंचायत घर, कभी खुले आसमान के नीचे तो कभी जर्जर भवन में चलाने की मजबूरी बनी है। वर्ष 2022 से नया स्कूल भवन बनाने का प्रस्ताव विभाग में धूल फांक रहा है लेकिन भवन निष्प्रयोज्य प्रमाणपत्र संलग्न करने के बाद भी विभाग स्कूल में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की सुध नहीं ले रहा है।
बूढ़ाकेदार क्षेत्र में मेड गांव का प्राथमिक स्कूल खैंणी चार-पांच साल से जीर्ण-र्शीर्ण स्थिति में है। अब भवन इतनी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है कि वहां स्कूल का संचालन करना बड़ा जोखिमभरा हो सकता है। खतरे को देखते हुए बरसात में स्कूल पास में स्थित पंचायत घर के एक कमरे में संचालित करना पड़ रहा है। वहां एक छोटे कमरे में कक्षा एक से पांच तक के 17 बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान पैदा होना स्वाभाविक है।
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ऐसी स्थिति में बरसात में छात्र स्कूल जाने की औपचारिकता ही निभाते हैं। स्थिति यह है कि पंचायत घर में पानी और शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। बरसात रुकने के बाद कक्षाएं जर्जर भवन के आंगन में खुले आसमान के नीचे चलानी पड़ रही है। इस दौरान तेज धूप और बारिश होने पर बच्चों को उस जर्जर भवन के एक कमरे में ही बैठाने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता है। प्रभारी प्रधानाध्यापक चतर सिंह राणा ने कहा कि स्कूल भवन जर्जर होने के बाद किसी तरह व्यवस्था बनाई जा रही है। 2025 में भवन निष्प्रयोज्य प्रमाणपत्र भी विभाग को प्रेषित कर दिया गया था।
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खैंणी प्राथमिक स्कूल भवन बनाने के लिए 40.54 लाख का इस्टीमेट बनाकर निदेशालय को जून 2026 में भेज दिया गया है। नया भवन बनने तक स्कूल संचालन की बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- पूनम चौहान, डीईओ बेसिक टिहरी।