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Tehri News: ईएनटी डॉक्टर के बिना जिला अस्पताल भटक रहे लोग
Wed, 12 Aug 2026 04:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 12 Aug 2026 04:56 PM IST
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नरेंद्रनगर 52 किमी की दौड़ लगाने को मजबूर है स्थानीय लोग
नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में करीब एक साल से ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से कान, नाक और गले से संबंधित बीमारियों के मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए नरेंद्रनगर, ऋषिकेश और देहरादून जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च के साथ समय भी गंवाना पड़ रहा है।
जिले में एकमात्र ईएनटी चिकित्सक नरेंद्रनगर स्थित उप जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। नरेंद्रनगर जिला मुख्यालय से करीब 52 किलोमीटर दूर है। ऐसे में बौराड़ी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को विशेषज्ञ से परामर्श और जांच के लिए नरेंद्रनगर जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी गब्बर सिंह नेगी का कहना है कि लोग कान, नाक और गले से जुड़ी समस्या होने पर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से उन्हें यहां उपचार नहीं मिल पाता। राजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि जिला मुख्यालय के अस्पताल में लंबे समय से ईएनटी विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। ऐसे में सामान्य बीमारियों के मरीजों को भी दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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ईएनटी चिकित्सक की तैनाती के लिए शासन को लगातार प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि एक-दो महीने में जिला अस्पताल बौराड़ी को ईएनटी चिकित्सक मिल सकता है।
-डॉ. राम प्रकाश, सीएमओ टिहरी
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नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में करीब एक साल से ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से कान, नाक और गले से संबंधित बीमारियों के मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए नरेंद्रनगर, ऋषिकेश और देहरादून जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च के साथ समय भी गंवाना पड़ रहा है।
जिले में एकमात्र ईएनटी चिकित्सक नरेंद्रनगर स्थित उप जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। नरेंद्रनगर जिला मुख्यालय से करीब 52 किलोमीटर दूर है। ऐसे में बौराड़ी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को विशेषज्ञ से परामर्श और जांच के लिए नरेंद्रनगर जाना पड़ता है।
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स्थानीय निवासी गब्बर सिंह नेगी का कहना है कि लोग कान, नाक और गले से जुड़ी समस्या होने पर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से उन्हें यहां उपचार नहीं मिल पाता। राजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि जिला मुख्यालय के अस्पताल में लंबे समय से ईएनटी विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। ऐसे में सामान्य बीमारियों के मरीजों को भी दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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ईएनटी चिकित्सक की तैनाती के लिए शासन को लगातार प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि एक-दो महीने में जिला अस्पताल बौराड़ी को ईएनटी चिकित्सक मिल सकता है।
-डॉ. राम प्रकाश, सीएमओ टिहरी